Edited By Manisha rana, Updated: 17 Apr, 2026 09:58 AM

हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब छात्रों और जेजेपी कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई और पूरा कैंपस हंगामे का केंद्र बन गया।
हरियाणा डेस्क: हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब छात्रों और जेजेपी कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई और पूरा कैंपस हंगामे का केंद्र बन गया। इसको लेकर युवा जेजेपी प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसविंदर खैहरा ने कहा कि गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में वाइस चांसलर का छात्रों के प्रति व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। पुलिस द्वारा छात्रों और दिग्विजय सिंह चौटाला के संदर्भ में किया गया व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

जसविंदर खैहरा ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक और छात्र का अधिकार है, लेकिन इस प्रकार छात्रों की आवाज़ को दबाने का प्रयास करना दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान विचारों की अभिव्यक्ति के केंद्र होते हैं, जहाँ इस तरह का रवैया बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
बताया जा रहा है कि जेजेपी की युवा विंग यूनिवर्सिटी में एक सम्मेलन करना चाहती थी, लेकिन कुलपति नरसीराम बिश्नोई ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कार्यक्रम को पास की यादव धर्मशाला में शिफ्ट किया गया। यादव धर्मशाला में छात्रों को संबोधित करते हुए दिग्विजय चौटाला ने वीसी के फैसले पर नाराजगी जताई और वीसी ऑफिस घेरने का ऐलान कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र और जेजेपी कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए वीसी ऑफिस पहुंच गए। जैसे ही प्रदर्शनकारी वीसी ऑफिस पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। छात्र वीसी से बात कराने की मांग पर अड़े रहे, लेकिन जब उन्हें रोका गया तो माहौल और बिगड़ गया। प्रदर्शनकारी गेट तक पहुंच गए और अंदर जाने की कोशिश करने लगे, जिस पर पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी बीच कुलपति पिछले गेट से निकल गए, जिससे छात्रों का गुस्सा और भड़क गया।
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