Bahadurgarh: पानी की चोरी रोकने गई सिंचाई विभाग की टीम पर हमला, SDO, जेई और बेलदारों को पीटा...फोन छीनकर नहर में फेंकें

Edited By Harman, Updated: 24 Jul, 2026 09:40 AM

irrigation department team attacked while attempting to stop water theft

गुरुग्राम को पानी की सप्लाई करने वाली एनसीआर (NCR) नहर पर नहरी पानी की अवैध चोरी रोकने गई सिंचाई विभाग की टीम पर दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने एसडीओ और उनकी टीम पर कस्सी (फावड़े) से हमला किया और उनकी जमकर पिटाई की।

बहादुरगढ़ (प्रवीण कुमार धनखड़) : गुरुग्राम को पानी की सप्लाई करने वाली एनसीआर (NCR) नहर पर नहरी पानी की अवैध चोरी रोकने गई सिंचाई विभाग की टीम पर दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने एसडीओ और उनकी टीम पर कस्सी (फावड़े) से हमला किया और उनकी जमकर पिटाई की। इतना ही नहीं, विरोध में वीडियो बना रहे कर्मचारियों के फोन छीनकर नहर में फेंक दिए गए। घटना के बाद से विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष है। 

पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सिंचाई विभाग के एसडीओ यशपाल अपनी टीम के साथ एनसीआर नहर के आरडी नंबर 37 के पास नियमित गश्त पर थे। टीम में उनके साथ एक जेई, ड्राइवर और दो बेलदार भी शामिल थे। गश्त के दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोग दो ट्रैक्टरों (एक लाल रंग का स्वराज और दूसरा नीले रंग का सोनालिका ट्रैक्टर) पर मोटर लगाकर अवैध रूप से नहरी पानी की चोरी कर रहे हैं। जब विभाग की टीम ने इसका विरोध किया और पानी चोरी करने से मना किया, तो आरोपी गाली-गलौज करने लगे और अचानक से कस्सी और डंडों से मारपीट शुरू कर दी। 

आरोपियों ने सरकारी ड्यूटी पर मौजूद टीम पर धावा बोल दिया। उनके पास मौजूद कस्सी से हमला कर कर्मचारियों की बेरहमी से पिटाई की गई। इस दौरान जब कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा और सबूत के लिए घटना का वीडियो बनाना चाहा, तो दबंगों ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए और उन्हें बहते पानी में फेंक दिया।

जानलेवा हमले में घायल हुए एसडीओ और अन्य कर्मचारियों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग की यूनियन के पदाधिकारी और सदस्य भी कर्मचारियों के समर्थन में अस्पताल पहुंच गए। यूनियन के प्रधान मुकेश ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने जल्द से जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो विभाग के तमाम कर्मचारी उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। घटना के संबंध में मांडौठी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज करा दी गई है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

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