Edited By Yakeen Kumar, Updated: 06 Jan, 2026 07:51 PM

फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल के बाहर खड़ी निजी एंबुलेंसों की मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस ने अचानक जांच की, जिससे चालकों में हलचल मच गई।
फरीदाबाद (पूजा शर्मा) : फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल के बाहर खड़ी निजी एंबुलेंसों की मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस ने अचानक जांच की, जिससे चालकों में हलचल मच गई। ट्रैफिक पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर एंबुलेंसों के पंजीकरण, बीमा, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच के दौरान अधिकांश वाहनों के कागजात सही पाए गए, जबकि एक एंबुलेंस में दस्तावेजों की कमी मिलने पर उसका चालान किया गया।
ट्रैफिक पुलिस के एएसआई इंद्रजीत ने बताया कि निजी एंबुलेंसों की यह विशेष चेकिंग नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। उनका कहना था कि समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपात सेवाओं से जुड़े वाहन नियमों के अनुरूप ही संचालित हों और किसी भी तरह की अनियमितता न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल दस्तावेजों की जांच और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
हालांकि, हाल ही में सामने आए एक चर्चित गैंगरेप मामले में कथित रूप से एंबुलेंस के इस्तेमाल की चर्चा के चलते यह जांच सुर्खियों में रही। इस पर एएसआई इंद्रजीत ने किसी भी प्रकार के सीधे संबंध से इनकार करते हुए कहा कि जांच का उस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
वहीं, निजी एंबुलेंस चालकों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया। उनका कहना है कि उनके अधिकांश वाहनों के कागजात पूरे हैं और केवल एक एंबुलेंस का बीमा न होने के कारण चालान हुआ। चालकों ने यह भी मांग की कि अवैध रूप से एंबुलेंस बनाकर चलाए जा रहे वाहनों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि मरीजों की सुरक्षा और सेवा की विश्वसनीयता बनी रहे।
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