HKRN के मुद्दे पर कांग्रेस के धरने में फिर दिखी गुटबाजी, कुलदीप शर्मा के तेवरों ने खींचा ध्यान

Edited By Isha, Updated: 19 Aug, 2026 08:07 PM

factionalism resurfaces at congress sit in over hkrn issue

हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा आयोजित धरने में भले ही पार्टी के अधिकांश प्रमुख धड़े एकजुटता का संदेश देने के लिए मंच पर नजर आए, लेकिन कार्यक्रम के दौरान

चंडीगढ़(चंन्द्र शेखर धरणी ): हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा आयोजित धरने में भले ही पार्टी के अधिकांश प्रमुख धड़े एकजुटता का संदेश देने के लिए मंच पर नजर आए, लेकिन कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर सामने आ गई। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा को मंच से बोलने का अवसर देने को लेकर पैदा हुए विवाद ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कांग्रेस के एक धड़े की ओर से कुलदीप शर्मा को मंच से संबोधित करने से रोकने का प्रयास किया गया। यह बात कुलदीप शर्मा को नागवार गुजरी और उन्होंने मौके पर ही अपने आक्रामक तेवर दिखाए। स्थिति को देखते हुए अंततः उन्हें मंच से बोलने के लिए आमंत्रित करना पड़ा। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र की दखल भी महत्वपूर्ण रही।

‘भजनलाल के खिलाफ आवाज उठाई तो अब भी पीछे नहीं हटूंगा’
कुलदीप शर्मा ने अपने संबोधन में स्पष्ट तेवर दिखाते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के खिलाफ भी आवाज उठाने से कभी परहेज नहीं किया। ऐसे में आज किसी दबाव में पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर चल रही गुटीय राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।

कुलदीप शर्मा की बेबाकी पहले भी कांग्रेस के कार्यक्रमों में देखने को मिलती रही है। पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की पदयात्रा के दौरान भी उन्होंने खुलकर उनका साथ दिया था और अपने आक्रामक भाषणों के माध्यम से पार्टी के भीतर अपनी स्वतंत्र राजनीतिक लाइन का संकेत दिया था।

‘राहुल, प्रियंका, सोनिया और नेहरू-इंदिरा मेरे नेता’
कुलदीप शर्मा ने अपनी राजनीतिक निष्ठा को लेकर भी मंच से स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनके नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को भी अपना नेता बताया।
उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर अपनी वैचारिक और राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी में किसी एक धड़े के दबाव के आगे वह अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटेंगे।

गैर-जाट नेताओं को दबाने का आरोप
कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस के भीतर गैर-जाट नेताओं को दबाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में एक गुट ऐसी राजनीति कर रहा है, जिसे वह स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना था कि कांग्रेस सभी वर्गों और नेताओं को समान अवसर देने वाली पार्टी है और किसी एक वर्ग या गुट का वर्चस्व स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

एचकेआरएन के मुद्दे पर आयोजित धरने में प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र, नेता प्रतिपक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा, वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद थे। ऐसे में मंच पर कुलदीप शर्मा को बोलने का अवसर देने को लेकर पैदा हुई स्थिति ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।

एकता के मंच पर गुटीय राजनीति का संकेत
कांग्रेस की ओर से धरने के माध्यम से एचकेआरएन के मुद्दे पर सरकार को घेरने और पार्टी की एकजुटता दिखाने का प्रयास किया गया था। लेकिन कार्यक्रम के दौरान कुलदीप शर्मा प्रकरण ने यह संकेत जरूर दिया कि विभिन्न धड़ों के बीच मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।

हालांकि बाद में कुलदीप शर्मा को मंच से बोलने का अवसर मिला और कार्यक्रम आगे बढ़ा, लेकिन उनके तेवरों ने कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया। राजनीतिक जानकारों की नजर में यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि प्रदेश कांग्रेस में एकजुटता की कोशिशों के बावजूद नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव को लेकर अलग-अलग धड़ों के बीच खींचतान अभी भी कायम है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!