विद्यार्थियों का गणित के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए CBSE ने उठाया अहम कदम

Edited By Isha, Updated: 07 Oct, 2019 12:41 PM

cbsc divided students into 2 parts to increase the trend towards mathematics

सी.बी.एस.ई. ने विद्यार्थियों का गणित के प्रति रुझान बढ़ाने को लेकर कक्षा 10वीं के गणित को इस सैशन से 2 स्तर बेसिक व स्टैंडर्ड में बांट दिया है। बोर्ड की ओर से आदेश दिए गए हैं कि स्टैंडर्ड गणित पेपर नहीं...

कैथल (महीपाल) : सी.बी.एस.ई. ने विद्यार्थियों का गणित के प्रति रुझान बढ़ाने को लेकर कक्षा 10वीं के गणित को इस सैशन से 2 स्तर बेसिक व स्टैंडर्ड में बांट दिया है। बोर्ड की ओर से आदेश दिए गए हैं कि स्टैंडर्ड गणित पेपर नहीं देने पर विद्यार्थी कक्षा 11वीं में गणित का चयन नहीं कर सकेंगे। इन छात्रों को 11वीं कक्षा में गणित लेने के लिए कक्षा 10वीं में सप्लीमैंट्री परीक्षा देनी होगी।

 बोर्ड ने बेसिक व स्टैंडर्ड दोनों की परीक्षा अलग करने का फैसला लिया है। विशेषज्ञ का कहना है कि विद्यार्थी कन्फ्यूज न हों इसलिए इनकी परीक्षा अगले साल अलग-अलग होगी। गौरतलब है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गणित अहम भूमिका निभाता है। बैंकिंग सैक्टर हो या फिर एम.बी.ए., इसमें जनरल गणित के सवाल होते हैं।

विशेषज्ञ के अनुसार भविष्य के लिए विद्यार्थियों को स्टैंडर्ड गणित का फोकस रखना चाहिए। विद्यार्थी जिस लैवल का गणित चुनेंगे, वहीं मार्कशीट में शामिल होगा। टैगोर पब्लिक स्कूल कैथल की प्रधानाचार्या सुमिता ठाकुर ने बताया कि बोर्ड ने गणित को 2 भागों में बांटा है। इससे विद्यार्थियों को फायदा होगा तथा विद्यार्थियों का गणित के प्रति रुझान बढ़ेगा।

बेसिक और स्टैंडर्ड गणित में अंतर
सी.बी.एस.ई. की ओर से गणित के पाठ्यक्रम में बदलाव नहीं होगा। पाठ्यक्रम एक ही होगा लेकिन दोनों के पेपर का डिफिकल्टी लैवल चेंज होगा। बेसिक गणित पेपर आसान होगा। स्टैंडर्ड गणित पेपर का डिफिकल्टी लैवल हाई और कांसैप्ट बेस्ड होगा। बोर्ड ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि गणित में कमजोर विद्यार्थी बेसिक का ही चयन करें।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!