रोडरेज- कैब ड्राइवर ने पहले कार को टक्कर मारी, ड्राइवर को पीटा, छात्रा को जबरन कार से उतारने का किया प्रयास

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 07 May, 2026 10:26 PM

cab driver rams car beats driver tries to forcibly remove student from car

गुरुवार शाम को सोहना रोड पर कार और कैब की भिडंत के बाद कैब चालकों ने दंबगई दिखाते जमकर हुडदंग मचाया। इस दौरान सोहना रोड पर कुछ देर के लिए जाम भी लग गया।

गुड़गांव, (ब्यूरो): गुरुवार शाम को सोहना रोड पर कार और कैब की भिडंत के बाद कैब चालकों ने दंबगई दिखाते जमकर हुडदंग मचाया। इस दौरान सोहना रोड पर कुछ देर के लिए जाम भी लग गया। कैब चालकों ने कार के अंदर बैठी 15 वर्षीय बच्ची का गेट खोलकर बाहर निकालने की कोशिश की गई। जब बच्ची ने गेट नहीं खोला तो कई कैब चालकों ने कार को घेर लिया। यह नजारा देख कर बच्ची रोने लगी और मां को वीडियो कॉल कर आपबीति बताई। उसके बाद बच्ची और मां ने मदद के लिए पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन किया। कैब चालकों ने उनके कार चालक के साथ-साथ अभद्रता कर हाथापाई भी की गई।

गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक  https://www.facebook.com/KesariGurugram  पर क्लिक करें।

 

बच्ची की मां का आरोप है कि डायल 112 पर कॉल करने के बावजूद पुलिस को मौके पर पहुंचने में 37 मिनट का समय लगा। बच्ची की मां ने गुरुवार शाम को साढ़े छह बजे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी व्यथा को लिखा और सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल भी गुरुग्राम पुलिस से किया। पोस्ट के बाद गुरुग्राम पुलिस हरकत में आई और मामले में पूरी जांच शुरू कर दी है। 

 

सेक्टर-67 की रहने वाली महिला ने सोशल मीडिया पर किए पोस्ट में लिखा कि घटना सेक्टर-49 स्थित पार्क व्यू सिटी-दो सोसाइटी के पास की है। उनकी बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है। गुरुवार को परीक्षा देने के बाद वह अपनी सहेली को पार्क व्यू सिटी-दो में छोड़कर कार से चालक के साथ सेक्टर-67 की तरफ आ रही थी। तभी सोहना रोड पर अचानक से एक कैब आई, तो चालक कार को संभाल नहीं पाया और कार की कैब से मामूली टक्कर हो गई। 

 

कैब से टक्कर होते ही उनकी कार को कई कैब चालकों ने घेर लिया और कार चालक भूरी सिंह को बाहर निकाल कर उसके साथ अभद्रता करते हुए हाथापाई की। कैब चालक ने आवाज देकर अपने पांच से छह कैब चालकों को भी मौके पर बुलाया लिया। इन लोगों ने कार को चारों तरफ से घेर लिया और उनकी बेटी को बाहर निकालने के लिए दरवाजों को कई बार खोला गया,लेकिन बच्ची ने दरवाजा नहीं खोला। यह मंजर देखकर बच्ची रोने लगी और मां को फोन पर वीडियो कॉल कर पूरी घटना के बारे में बताया गया। खुद को असुरक्षित महसूस करते हुए बच्ची ने शाम पांच बजकर दो मिनट पर पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर मदद मांगी। 

 

महिला ने इस हादसे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बच्ची ने पहली कॉल पांच बजकर दो मिनट पर की, जिसके बाद पांच बजकर दस मिनट पर पुलिस ने फोन कर लोकेशन पूछी,लेकिन मदद नहीं मिलने पर बच्ची ने अपनी मां को इसके बारे में बताया गया। पुलिस मदद के लिए बच्ची और मां ने 20 से ज्यादा कॉल कंट्रोल रूम पर किए गए और आखिरकार पुलिस की टीम 37 मिनट के बाद मौके पर पहुंची।  

 

महिला ने बताया कि जब समय पर पुलिस की मदद नहीं मिली,तो वह खुद एक जानकार के साथ मौके पर पहुंची। वहां पर पुलिस की टीम भी मौजूद थी। कैब चालकों ने उनके सामने भी गलत तरीके से व्यवहार किया और दो हजार रुपये देने के बाद कैब चालक चले गए।  बच्ची के मां ने कहा कि यह सुरक्षा तंत्र की बड़ी विफलता है। उन्होंने सवाल किया कि यदि पुलिस को आने में 37 मिनट लगते हैं, तो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का दावा कैसे किया जा सकता है। सोहना रोड जैसे व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है।

 

गुरुग्राम पुलिस ने डायल 112 पर कॉल करने के बाद मदद के लिए शहर में आठ से दस मिनट में मदद करने का दावा करती है। गुरुवार को सोहना रोड पर हुए रोडरेज के मामले में पुलिस की मदद बच्ची को 37 मिनट में मिली। पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। मामले में जांच की जाएगी कि पुलिस टीम को मौके पर पहुंचने में इतना समय क्यों लगा। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्य और लापरवाही के अनुसार कार्रवाईं की जाएगी।  

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!