Edited By Isha, Updated: 25 Sep, 2026 09:04 AM

यमुनानगर में शराब कारोबार से जुड़ा 21.30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला अब एक्साइज एवं टैक्सेशन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। शिकायतकर्ता अभिनव कोहली ने शराब की दो बड़ी फर्मों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है
यमुनानगर(परवेज खान): यमुनानगर में शराब कारोबार से जुड़ा 21.30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला अब एक्साइज एवं टैक्सेशन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। शिकायतकर्ता अभिनव कोहली ने शराब की दो बड़ी फर्मों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि एक्साइज विभाग के सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर सरकारी राजस्व को करीब 21.30 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस पूरे मामले में 100 से ज्यादा बार फर्जी ई GRN नंबर जनरेट किए गए, जिसके जरिए कथित तौर पर विभाग को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा।
मामला सामने आने के बाद विभाग ने दोनों शराब फर्मों के गोदाम सील किए, लेकिन अभिनव कोहली का आरोप है कि गोदाम सील करने के महज दो दिन के भीतर ही उन्हें दोबारा खोल दिया गया। इसे लेकर उन्होंने एक्साइज एवं टैक्सेशन की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अभिनव कोहली का कहना है कि अगर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है तो दोनों फर्मों के लाइसेंस रद्द किए जाने चाहिए और उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। अब इस पूरे मामले पर एक्साइज विभाग का भी पक्ष सामने आया है। DETC जितेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग 5 करोड़ रुपये की रिकवरी कर चुका है और जल्द ही पूरी रिकवरी करने का प्रयास किया जा रहा है।
DETC के मुताबिक, विभाग के पास दोनों फर्मों की करीब 31 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें रिकवरी के लिए आधार बनाया जा रहा है। वहीं इस कथित धोखाधड़ी की जांच के लिए विभाग ने एक कमेटी का गठन किया है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है।
यानी एक तरफ शिकायतकर्ता 21.30 करोड़ के घोटाले और सिस्टम में कथित सेंध के आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ एक्साइज विभाग रिकवरी और जांच की बात कह रहा है। अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर 21.30 करोड़ के इस कथित खेल के पीछे पूरा मामला क्या है और सरकारी राजस्व को हुए नुकसान की अंतिम रकम कितनी निकलती है?