AIREA ने ईरान काे बासमती चावल के निर्यात पर लिया बड़ा निर्णय

Edited By vinod kumar, Updated: 19 Jan, 2020 06:16 PM

airea takes big decision regarding export of basmati rice to iran

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने चावल व्यापार को हिला दिया है। चावल निर्यात पर इसका काफी असर देखने को मिल रहा है। इसी को देखते हुए अब ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने ईरान को विशेषकर बासमती चावल के निर्यात को रोकने का निर्णय किया है।...

करनाल(केसी आर्या): ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने चावल व्यापार को हिला दिया है। चावल निर्यात पर इसका काफी असर देखने को मिल रहा है। इसी को देखते हुए अब ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने ईरान को विशेषकर बासमती चावल के निर्यात को रोकने का निर्णय किया है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक वहां स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक निर्यात नहीं होगा।

PunjabKesari, haryana

अमेरिका और ईरान की तनावपूर्ण स्थिति के चलते निर्यातक अपने भुगतान को लेकर परेशान है। तीन इस्लामिक राष्ट्र (एरिया) यानी ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने अग्रिम भुगतान या ऋण पत्र के खिलाफ चावल का निर्यात करने का फैसला किया है। चावल निर्यातकों ने कहा कि वे ईरान में लगभग 14 सौ करोड़ रुपए के भुगतान के बाद कोई जोखिम नहीं लेंगे, ईरान भारतीय बासमती चावल का सबसे बड़ा बाजार है, जिसमें पूसा बासमती 1509 और पूसा 1121 शामिल है। 

PunjabKesari, haryana

उन्हें डर है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो यह चावल उत्पादकों और निर्यातको दोनों को बुरी तरह से प्रभावित करेगा। हरियाणा में बासमती चावल बड़े पैमाने पर करनाल और आसपास के जिलों में उगाया जाता है। 2019 में खरीफ सीजन में धान का रकबा करनाल जिले में 1.3 लाख और इसमें लगभग 40 फीसदी बासमती का था। करनाल जिले में लगभग 35 चावल निर्यातक है जो ईरान और अन्य देशों के साथ व्यापार करते हैं। बता दें कि करनाल देश का सबसे बड़ा चावल का हब है। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!