Edited By Isha, Updated: 29 Aug, 2025 11:26 AM

हरियाणा के सरकारी और एडेड कॉलेजों में स्टाफ की भारी कमी है, जिस कारण पढ़ाई से लेकर अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे है। सरकारी व एडेड कॉलेजों में कुल स्वीकृत 15668 पदों में से 8645 पद खाली पड़े है।
डेस्क: हरियाणा के सरकारी और एडेड कॉलेजों में स्टाफ की भारी कमी है, जिस कारण पढ़ाई से लेकर अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे है। सरकारी व एडेड कॉलेजों में कुल स्वीकृत 15668 पदों में से 8645 पद खाली पड़े है। खाली पदों का आंकड़ा खुद शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में दिया। कॉलेजों में स्टाफ की कमी का मामला नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने उठाया था।
जिसके जवाब में उच्चतर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि कुल 274 कॉलेजों में अधिकारियों-कर्मचारियों के 15668 पदों में से 8645 पद खाली पड़े हैं। प्रदेश के कुल 274 कॉलेजों में से 158 कॉलेज में क्लास वन के पद खाली है। खास बात यह है कि 100 से ज्यादा कॉलेजों में प्रिंसिपल ही नहीं हैं। केवल 116 कॉलेजों में ही क्लास-वन अधिकारी कार्यरत हैं।
क्लास-बी के कुल 10,919 पदों में से केवल 4,703 पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि 6,216 पद खाली पड़े हैं। क्लास-सी श्रेणी में भी भारी कमी है। कुल 2,966 पदों में से 1,702 पद खाली है और केवल 1,264 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं सबसे अधिक जरूरत वाले क्लास-डी कर्मचारियों को भी भारी कमी है। कुल 1,509 पदों में से 569 खाली है और मात्र 940 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।
मंत्री महीपाल ढांडा ने बताया कि हरियाणा के सरकारी एवं एडेड कॉलेजों में शिक्षकों व कर्मचारियों के खाली पदों को भरने को लेकर सरकार ने कई स्तरों पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 1 अप्रैल तक राज्य के सभी जिलों के कॉलेजों में स्वीकृत व खाली पदों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। नूंह जिले सहित पूरे हरियाणा में 31 प्रोफेसरों को प्राचार्य पद पर प्रमोशन करने का प्रस्ताव सरकार के पहुंच चुका है।
वहीं, 2424 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग को मांग भेजी गई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाली पदों को भरा जाएगा। नूंह जिले के सरकारी कॉलेजों में ग्रुप डी के 13 पदों की मांग एवं आरडी को भेजी गई है और अनुमति मिलते ही इन्हें भरा जाएगा।
उन्होंने बताया कि नूंह के सहायता प्राप्त वाईएमडी कॉलेज में प्राचार्य की नियुक्ति के लिए विभाग ने 23 जून 2025 को अनुमति प्रदान कर दी है। रेगुलर प्राचार्य की नियुक्ति के बाद ही शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की रिक्तियों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।