661 करोड़ बैंक घोटाला: अब 5 विभागों की चरणबद्ध तरीके से खुलेंगी परतें, PMO कर रहा मॉनिटरिंग !

Edited By Manisha rana, Updated: 27 Jun, 2026 02:07 PM

661 crore bank scam

हरियाणा के 661 करोड़ रुपए के कथित बैंक घोटाले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। सी.बी.आई. इस पूरे घोटाले में डिपार्टमेंट टू डिपार्टमेंट इन्वैस्टीगेशन मॉडल पर काम कर रही है।

चंडीगढ़ : हरियाणा के 661 करोड़ रुपए के कथित बैंक घोटाले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। सी.बी.आई. इस पूरे घोटाले में डिपार्टमेंट टू डिपार्टमेंट इन्वैस्टीगेशन मॉडल पर काम कर रही है। यानी एक-एक विभाग की फाइल, बैंक ट्रांजैक्शन, जिम्मेदार अधिकारियों और लाभार्थियों की अलग-अलग जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार सी.बी.आई. फिलहाल 3 विभागों की जांच पूरी कर चुकी है, जिसमें 2 आई.ए.एस. अधिकारी गिरफ्तार हो चुके हैं। जबकि 5 अन्य विभागों की जांच अभी बाकी है। इनमें से हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच अंतिम छोर पर है, जिसमें जल्द 2 आई.ए.एस. अफसरों की गिरफ्तारी हो सकती है। एजेंसी का मानना है कि हर विभाग में पैसों के ट्रांसफर और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका अलग-अलग रही है, इसलिए जांच भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।

पी.एम.ओ. की मॉनिटरिंग में चल रही जांचः सूत्रों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल बैंक स्कैम की सीधी मॉनिटरिंग प्रधानमंत्री कार्यालय (पी.एम.ओ.) स्तर पर हो रही है। केंद्रीय जांच टीम रोजाना केस की प्रगति का अपडेट दे रही है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ आई.ए. एस. अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और पूछताछ से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों को भी केंद्रीय स्तर से मंजूरी मिल रही है। बताया गया कि मामले में आई. ए. एस. की गिरफ्तारी से पहले जांच टीम अपने वरिष्ठ अधिकारियों को फाइल भेज कर स्वीकृति लेती है। इस जांच का जिम्मा आई.जी. रैंक के अफसर के पास है।

हर गवाह का वीडियो बयान रिकॉर्ड कर रही सी.बी.आई.: सी.बी. आई. इस केस में कोई तकनीकी कमी नहीं छोड़ना चाहती। इसी वजह से सभी आरोपियों और गवाहों से पूछताछ व उनके बयान के दौरान की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है ताकि भविष्य में अदालत में किसी तरह के विवाद या बयान से मुकरने की स्थिति पैदा न हो। सी.बी.आई. का दावा है कि भ्रष्टाचार के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ काफी अहम सबूत मिले हैं।

इन विभागों से जुड़ा है 661 करोड़ का बैंक स्कैम : आई.डी.एफ.सी. फर्स्ट बैंक और ए. यू. स्मॉल बैंक के जरिए 661 करोड़ रुपए का कथित घोटाला हुआ है। इसमें हरियाणा सरकार के 8 विभाग हैं जिसमें हरियाणा ग्रामीण विकास निधि प्रशासन बोर्ड के 48.72 करोड़ रुपए, हरियाणा पॉवर जनरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड के 50 करोड़ रुपए, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के 10 करोड़ रुपए, नगर निगम पंचकूला के 80 करोड़ रुपए, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के 53.86 करोड़ रुपए, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के 50 करोड़ रुपए, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 169.27 करोड़ रुपए, नगर परिषद कालका के 18.09 करोड़ रुपए तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एक अन्य फंड के 32.79 लाख रुपए हैं। इससे अलग चंडीगढ़ के कई संस्थाओं के फंड भी शामिल हैं।

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