Edited By Isha, Updated: 12 Sep, 2026 05:48 PM

रतिया में युवक को घेरकर मारपीट करने और घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीआईए रतिया की टीम ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है
फतेहाबाद (रमेश): रतिया में युवक को घेरकर मारपीट करने और घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीआईए रतिया की टीम ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए रामनगर कॉलोनी तक पैदल ले जाकर घटनास्थल से जुड़े स्थानों की निशानदेही कराई। पुलिस की इस कार्रवाई को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ जुट गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रतिया निवासी कुलदीप उर्फ कल्याण, संदीप उर्फ सिप्पी, मंदीप उर्फ मणी शिकारी, जोगा उर्फ कालू, सतनाम सिंह और सोनू के रूप में हुई है। आरोपियों की उम्र करीब 19 से 25 वर्ष के बीच बताई गई है। सीआईए स्टाफ प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रदीप पुरी की मौजूदगी में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
मामला 10 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है। शिकायत के मुताबिक सिरसा से काम करके रतिया लौट रहे 27 वर्षीय राजकुमार को धमरवीर के मकान के पास कुछ युवकों ने घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने तेजधार हथियारों, डंडों और ईंटों से उसके साथ मारपीट की। हमले में युवक के दोनों बाजुओं, दोनों टांगों, सिर और पीठ पर चोटें आईं। घायल को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल रतिया ले जाया गया, जहां से उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसकी दोस्ती टौनी नामक युवक से है। टौनी की मकबन सिंह के साथ करीब दो माह से रंजिश चल रही थी। इसी विवाद के चलते उस पर हमला किए जाने का आरोप है। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया।
पुलिस ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए उसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान शुरू की। इसके बाद संभावित ठिकानों पर दबिश देकर छह आरोपियों को काबू किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शहर में पैदल ले जाकर घटना से संबंधित स्थानों की निशानदेही कराई।
पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।