रोहितजी ठाकोर, विकसित समाज के निर्माण में बुनियादी नेतृत्वकर्ता

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 17 Jun, 2022 07:51 PM

rohitji thakor the basic leader in building a developed society

उद्योग जगत में उनकी विशिष्ट पहचान के साथ वह कई कल्याणकारी समूहों औऱ विभिन्न सामाजिक जागरूकता अभियानों के वो द्योतक औऱ आयोजक भी हैं।

गुड़गांव ब्यूरो: व्यापार जगत में हर कोई सफल व्यवसायी बनना चाहता है पर काफी लोग कम होते है जो इस मुकाम पर पहुंच कर अपने सामाजिक दायित्व को समझ पाते हैं और उसका निर्वहन कर पाते है । हीरा काटने वाले शहर के नाम से मशहूर अहमदाबाद में जन्मे  रोहित जी ठाकुर भी समाज में हीरे से कम नही है । जिनकी चमक समाज को उज्जवलित पथ प्रदर्शित करती है । व्यापारिक पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले रोहित जी ठाकुर अपने आप में समाज के लिए मिसाल है । जिन्होंने अनेक व्यापारिक उपलब्धियाँ तो हासिल तो की हैं साथ ही कई  सामाजिक सरोकार से जुड़ी उपलब्धियों के प्राप्तकर्ता हैं । वह 'जयश्री माँ काली डेयरी फार्म' के मालिक भी हैं और साथ ही कृषि,रियल एस्टेट क्षेत्र में भी व्यावसायिक अवसरों के सृजनकर्ता भी हैं ।

उद्योग जगत में उनकी विशिष्ट पहचान के साथ वह कई कल्याणकारी समूहों औऱ विभिन्न सामाजिक जागरूकता अभियानों के वो द्योतक औऱ आयोजक भी हैं। वह ठाकोर समाज केलावानी ट्रस्ट, गुजरात के एक माननीय अध्यक्ष हैं। साथ ही "श्री महाकाली ठाकोर समाज जागृति अभियान रथ" के अग्रणी भी हैं । उनकी उदारता को इस बात से समझा सकता है कि  उन्होंने आलमपुर, गांधीनगर में स्थित चंदनमणि छात्रालय में आदर्श मॉडल की स्थापना हेतु 51 लाख रुपये का दान दिया जो एक विकसित समाज की आधारभूत सरंचना को आगे सुदृण करेगा । शिक्षा के प्रति उनकी इसी तत्परता के कारण ही वह समाज में और खासकर छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है ।

समाजसेवी होने के साथ उन्होंने डिजीटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया,मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत अभियान जैसे राष्ट्रव्यापी अभियान में अपनी भागीदारी से इसे नई ऊर्जा प्रदान की । उनके इसी सामाजिक जीवन के कारण ही प्रशासनिक अधिकारी उन्हें जनता और सरकार के बीच का महत्वपूर्ण समन्यवयक मानते है, जिनके कारण मंत्रियों और रोहित जी ठाकोर के बीच काफी अच्छे संबंध हैं । चाहे बात गुजरात में बाढ़ प्रभावितों को मदद पहुचाने की हो या कोरोना काल में लोगों को मुफ्त राशन देने की हो, उन्होंने ऐसे कई विकट स्थितियों में जनता को अपनी सेवा से कृतार्थ किया है । विवाह में आर्थिक तनाव को कम करने के लिए "समूह लगना" जैसी प्रथा की शुरुआत की साथ ही 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ' में भी वित्तीय सहायता प्रदान की ।

आसमान को छूती उनकी उपलब्ध्ता उनके पैर को जमीन छोड़ने नही देती। बात चाहे भारत के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति की हो या फिर किसी आम ग्रामीण की,उनके सबंन्ध सभी से घनिष्ठ रहे हैं । उन्हें वर्ष 2012 के गुजरात विधानसभा चुनावों में लोगों का लगभग 58746 वोटों(49.45%)  का अपार समर्थन मिला। गुजरात के पवित्र तीर्थ स्थल पावागढ़ में अवस्थित बुधिया दरवाजे के पास  पिछ्ले 32 वर्षों से रोहित जी ठाकोर द्वारा संचालित सूर्य चंदनमणि विस्मो अन्नक्षेत्र लाखों तीर्थयात्रियों को मुफ्त भोजन प्रसाद स्वरुप प्रदान कर रहा है ।

उनका व्यवहार भले ही साधारण हो लेकिन उनका व्यक्तित्व अपने आप में महान औऱ अनुसरणीय है । रोहित जी ठाकोर महत्वाकांक्षी नेताओं के आदर्श तो है ही साथ ही वह उज्ज्वल समाज के सही मायने में पथ प्रदर्शक हैं । उनके प्रयास,नेतृत्वक्षमता और दूर दृष्टता के परिणामस्वरूप देश में दीर्घकालिक परिवर्तन के लिए वह मील का पत्थर साबित होंगे ।

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