Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 23 Apr, 2026 04:01 PM
रीजनरेटिव मेडिसिन और सेल एंड जीन थेरेपी में अग्रणी योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित
गुड़गांव ब्यूरो : भारत में बायोटेक्नोलॉजी और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्रांतिकारी योगदान के लिए डॉ. लिपि सिंह को प्रतिष्ठित ‘भारत प्रतिभा सम्मान पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारत प्रतिभा सम्मान परिषद द्वारा प्रदान किया गया, जो देश के विकास और वैश्विक पहचान में सार्थक योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित करने हेतु जानी जाती है। डॉ. लिपि सिंह, जो रीजनरेटिव मेडिसिन और बायोटेक इनोवेशन में अग्रणी विशेषज्ञ मानी जाती हैं, ने भारत में अगली पीढ़ी की थेरपी को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका कार्य विज्ञान, नवाचार और वास्तविक स्वास्थ्य प्रभाव का ऐसा संगम है, जिसमें भारत तेजी से वैश्विक स्तर पर उभरता हुआ देश बन रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. लिपि सिंह ने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ से अपने उन्नत शोध की नींव रखी और अमेरिका के सिटी ऑफ होप में अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने हमेशा जटिल वैज्ञानिक अनुसंधानों को व्यावहारिक और सुलभ बनाने पर जोर दिया है। आज वह मेडथेरेपी बायोटेक्नोलॉजी, इंडिया में नेतृत्वकारी भूमिका में हैं, जहाँ उन्होंने सेल एंड जीन थेरेपी (CGT) – जो आधुनिक चिकित्सा के सबसे आशाजनक क्षेत्रों में से एक है – के निर्माण, विश्लेषण और विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ किया है। विशेष रूप से CAR-T कोशिकाओं और वायरल वैक्टर जैसी एडवांस थेरेपियों में उनके योगदान ने कैंसर और आनुवांशिक विकारों के उपचार के तरीके को बदलने का काम किया है। साथ ही, उन्होंने वैश्विक नियामक मानकों के साथ सामंजस्य सुनिश्चित कर भारत की अंतरराष्ट्रीय बायोटेक साख को भी मजबूत किया है।
ऐतिहासिक उपलब्धि: भारत का पहला एक्सोसोम-आधारित कॉस्मेटिक उत्पाद
डॉ. लिपि सिंह के करियर का एक ऐतिहासिक पड़ाव तब आया जब उनके नेतृत्व में 2024 में देश का पहला एक्सोसोम-आधारित कॉस्मेटिक उत्पाद कॉस्मेटिक्स रूल्स, 2020 के तहत राज्य स्तरीय निर्माण लाइसेंस और नियामक अनुमोदन प्राप्त करने में सफल रहा। यह उपलब्धि महज प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट या शैक्षणिक प्रोटोटाइप नहीं, बल्कि एक्सोसोम तकनीक का भारत में पूर्णतः विनियमित उत्पाद के रूप में सफल अनुवाद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता ने बायोटेक-संचालित उत्पादों के लिए भारत में नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं।
बहु-आयामी योगदान: डायबिटीज, ऑर्थोपेडिक्स और न्यूरोलॉजी में क्रांति
डॉ. लिपि सिंह का कार्यक्षेत्र कई गंभीर बीमारियों तक फैला है – डायबिटीज, ऑर्थोपेडिक्स और न्यूरोलॉजी में स्टेम सेल-आधारित क्लिनिकल एप्लिकेशन और उत्पाद विकास में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है। सहकर्मी और उद्योग पर्यवेक्षक अक्सर उनकी इसी क्षमता को रेखांकित करते हैं कि वह शोध को वास्तविक स्वास्थ्य सेवा वितरण से जोड़ने में सिद्धहस्त हैं।
मार्गदर्शक एवं शिक्षक की भूमिका
पुरस्कार के दौरान जारी विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि डॉ. लिपि सिंह एक उत्कृष्ट मेंटर और शिक्षक भी हैं। कार्यशालाओं, प्रशिक्षण सत्रों और शैक्षणिक मार्गदर्शन के माध्यम से उन्होंने भारत के बढ़ते बायोटेक पारिस्थितिकी तंत्र में युवा पेशेवरों और स्वास्थ्य चिकित्सकों की क्षमता निर्माण में सक्रिय योगदान दिया है।
भारत प्रतिभा सम्मान परिषद का बयान
परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया – "हम उन लोगों को सम्मानित करते हैं जो केवल अपने करियर में ही उत्कृष्ट नहीं होते, बल्कि समाज पर सकारात्मक प्रभाव भी छोड़ते हैं। डॉ. लिपि सिंह उसी दृष्टि को साकार करती हैं। उनका कार्य भारत को वैश्विक हेल्थकेयर इनोवेशन में एक गंभीर खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है। परिषद ने यह भी कहा कि डॉ. लिपि सिंह जैसे प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों का सम्मान करना राष्ट्र निर्माण और नवाचार को बढ़ावा देने के उनके मूल मिशन का अभिन्न अंग है।
क्यों अहम है यह सम्मान
जानकारों के अनुसार, यह पुरस्कार केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय विज्ञान के बदलते स्वरूप का प्रतीक है – शोध-संचालित पूछताछ से प्रयोग-संचालित प्रभाव की ओर बढ़ता भारत। डॉ. लिपि सिंह का कार्य यह साबित करता है कि अब भारत के पास न केवल विचारों की, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर उतारने की भी क्षमता है।
खास बातें (हाइलाइट्स):
- पुरस्कार: भारत प्रतिभा सम्मान (बायोटेक एवं हेल्थकेयर इनोवेशन)
- प्रमुख योगदान: सेल एंड जीन थेरेपी, CAR-T, वायरल वैक्टर
- ऐतिहासिक उपलब्धि: भारत का पहला विनियमित एक्सोसोम कॉस्मेटिक उत्पाद (2024)
- कार्य क्षेत्र: डायबिटीज, ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोलॉजी, रीजनरेटिव मेडिसिन
- संस्थान: PGIMER, City of Hope (USA), MedTherapy Biotechnology India