Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 05 May, 2026 07:31 PM

वर्ल्ड पल्मनरी हाइपरटेंशन डे 2026 के मौके पर आर्टेमिस हॉस्पिटल्स ने नए पल्मनरी हाइपरटेंशन सेंटर का अनावरण किया है। यह एक इनोवेटिव सेंटर है, जहां विशेषज्ञों की टीम पल्मनरी हाइपरटेंशन व फेफड़े से संबंधित अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को...
गुड़गांव ब्यूरो : वर्ल्ड पल्मनरी हाइपरटेंशन डे 2026 के मौके पर आर्टेमिस हॉस्पिटल्स ने नए पल्मनरी हाइपरटेंशन सेंटर का अनावरण किया है। यह एक इनोवेटिव सेंटर है, जहां विशेषज्ञों की टीम पल्मनरी हाइपरटेंशन व फेफड़े से संबंधित अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मल्टीडिसिप्लिनरी ट्रीटमेंट देगी। यह सेंटर सांस एवं दिल की देखभाल को लेकर हॉस्पिटल की प्रतिबद्धता को दिखाता है। यहां आधुनिक डायग्नोस्टिक्स, स्पेशलाइज्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल और अनुभवी चिकित्सकों की टीम को एक छत के नीचे लाया जाएगा। सेंटर के उद्घाटन के मौके पर एनआईसी एवं क्लीनिकल कार्डियोलॉजी के प्रमुख डॉ. राहुल मेहरोत्रा, रेस्पिरेटरी डिसीज एंड स्लीप मेडिसिन (यूनिट 1) के यूनिट हेड एवं सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अरुण चौधरी कोटारु, रूमेटोलॉजी एंड इम्यूनोलॉजी के प्रमुख डॉ. सुमित अग्रवाल और रेस्पिरेटरी डिसीज एंड स्लीप मेडिसिन (यूनिट 2) की यूनिट हेड एवं सीनियर कंसल्टेंट डॉ. श्वेता बंसल जैसे अग्रणी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
पल्मनरी हाइपरटेंशन फेफड़े से संबंधित एक जटिल और अंडर डायग्नोस रह जाने वाली बीमारी है, जबकि इस बीमारी में समय पर कदम उठाने और अलग-अलग विभागों को मिलकर काम करने की जरूरत होती है। नए सेंटर को इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहां कार्डियोलॉजी, पल्मनोलॉजी, रूमेटोलॉजी और क्रिटिकल केयर की विशेषज्ञता को साथ लाया गया है। इस लॉन्च के मौके पर आर्टेमिस हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. देवलीना चक्रवर्ती ने कहा, ‘हमारे पल्मनरी हाइपरटेंशन सेंटर की स्थापना पल्मनरी हाइपरटेंशन से जूझ रहे मरीजों को स्पेशलाइज्ड एवं फोकस्ड इलाज देने के हमारे प्रयासों की दिशा में अहम कदम है। जल्दी जांच, लगातार फॉलो-अप और को-ऑर्डिनेटेड ट्रीटमेंट के माध्यम से प्रभावी तरीके से इस बीमारी के मैनेजमेंट के लिए यह सेंटर बहुत अहम है। इस सेंटर के माध्यम से हमारा लक्ष्य नतीजों के मामले में नए मानक स्थापित करना और मरीजों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। हम इस स्पष्ट लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं कि हर सांस में उम्मीद है।
एनआईसी एवं क्लीनिकल कार्डियोलॉजी के चीफ और पल्मनरी हाइपरटेंशन सेंटर के हेड डॉ. राहुल मेहरोत्रा ने कहा, ‘अपनी जटिलता के कारण अक्सर पल्मनरी हाइपरटेंशन की जांच बहुत देर से हो पाती है। जल्दी स्क्रीनिंग, सटीक डायग्नोस्टिक्स और एडवांस्ड ट्रीटमेंट की मदद से इस तस्वीर को बदलने के लिए यह सेंटर स्थापित किया गया है। मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के साथ मिलकर काम करने से हम पर्सनलाइज्ड केयर प्लान तैयार कर सकते हैं, जिससे मरीजों के लिए बेहतर नतीजा संभव होगा। यह सेंटर एक चुनौतीपूर्ण समस्या के समाधान की दिशा में व्यापक कदम है।’ आर्टेमिस हॉस्पिटल्स के पल्मनरी हाइपरटेंशन सेंटर से मरीजों को केंद्र में रखने वाली विश्वस्तरीय देखभाल मिल सकेगी। यहां बीमारी का जल्द पता लगाने के लिए मॉडर्न डायग्नोस्टिक्स, मल्टीडिसिप्लिनरी इवैल्यूएशन और प्रमाण आधारित ट्रीटमेंट प्लान की सुविधा मिलेगी। यह सेंटर लंबी अवधि में निगरानी रखने और पुनर्वास में मदद करने और लगातार देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पल्मनरी हाइपरटेंशन के मरीजों को बेहतर परिणाम और अच्छी गुणवत्ता का जीवन मिल सकेगा। इस पहल के साथ आर्टेमिस हॉस्पिटल्स ने एडवांस्ड हेल्थकेयर उपलब्ध कराने और मरीजों के जीवन को बेहतर बनाने के साथ-साथ पल्मनरी हाइपरटेंशन जैसी गंभीर बीमारियों के बारे में जागरूकता लाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।