विदेशों में शिक्षा की एप्लीकेशन की पेचीदा प्रक्रिया को आसान कर रहा है अप्लाईबोर्ड

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 03 Apr, 2026 07:53 PM

applyboard is simplifying the complex process of applying for education abroad

अप्लाईबोर्ड एप्लीकेशन की पेचीदा प्रक्रिया को आसान बनाता है। पिछले वर्ष वर्ल्ड वाइड इस प्लेटफार्म पर 160-65 देशों से आवेदन भी आए थे।

गुड़गांव ब्यूरो :अप्लाईबोर्ड ऑनलाइन इंटरनेशनल रिक्रूटमेंट प्लेटफार्म के हेड ऑफ इंडिया रिक्रूटमेंट पथिक देसाई और सीनियर डायरेक्टर कस्टमर एक्सपीरियंस अनुज मित्तल कहते हैं कि हमारा उद्देश्य विदेश में पढाई करने की योजना बना रहे छात्रों के लिए उच्च शिक्षा में प्रवेश की मौजूदा बाधाओं को दूर करना है।अप्लाईबोर्ड एजुकेशन टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म छात्रों, स्कूलों और कॉउंसेलर्स को एक सहज और व्यक्तिगत प्लेटफार्म पर जोड़ता है। भारत में अप्लाईबोर्ड लाखों छात्रों को कनाडा, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम,ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड सहित अन्य कंट्रीज के उच्च शिक्षा इंस्टीटूशन्स में से चुनने का मौका देता है।अप्लाईबोर्ड का उद्देश्य है की वे सभी छात्रों के लिए विदेश में पढाई करना आसान बना सके और यह सुनिश्चित करने के लिए अप्लाईबोर्ड अपने प्लेटफॉर्म में लगातार इनोवेशन और सुधार कर रहा है।

 

अप्लाईबोर्ड का एआई- पॉवर्ड प्लेटफॉर्म छात्रों के लक्ष्यों, अनुभव और उनके बैकग्राउंड के अनुरूप प्रोग्राम चुनने और उसकी तैयारी करने में मदद करता है।अप्लाईबोर्ड विदेश में पढ़ाई की रिसर्च, एप्लीकेशन और एक्सेप्टेन्स प्रक्रिया को सरल बनाता है। अप्लाईबोर्ड का फ्री क्विक सर्च टूल शक्तिशाली और उपयोग में आसान है, जिससे छात्रों को दुनिया भर में अधिक प्रोग्राम्स को खोजने और उनकी तुलना करने में मदद मिलती है। वे अपनी सर्च को देश, शहर, इंस्टीट्यूशन के प्रकार, स्टडी के फिल्ड, स्टडी के स्तर, प्रोग्राम की तिथि और बहुत कुछ फ़िल्टर कर सकते हैं। वे ऐसे प्रोग्राम्स खोज सकते हैं जिससे उन्हें भविष्य में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क अपॉर्चुनिटीज मिले। इस प्रकार अप्लाइबोर्ड के एआई-पावर्ड एप्लिकेशन प्लेटफॉर्म द्वारा विदेश में एडमिशन की राह आसान हो जाती है।आगे बताते हुए अप्लाईबोर्ड के हेड ऑफ इंडिया रिक्रूटमेंट पथिक देसाई और सीनियर डायरेक्टर कस्टमर एक्सपीरियंस अनुज मित्तल कहते हैं कि अप्लाइबोर्ड के द्वारा विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए विदेशों में अध्ययन करना आसान बनाया है। विशेष तौर पर टियर 2-3 स्टूडेंट्स के समस्याओं को ध्यान में रखा गया है। हमारे पास 25 से ज्यादा एआई पावर्ड प्रोडक्टिविटी फीचर्स हैं जो स्टूडेंट्स के एडमिशन की राह आसान बनाते हैं। इसके अलावा अप्लाइबोर्ड छात्रों, रिक्रूटमेंट पार्टनर्स और स्कूलों को एक प्लेटफार्म पर जोड़ती है।

 

अप्लाईबोर्ड एप्लीकेशन की पेचीदा प्रक्रिया को आसान बनाता है। पिछले वर्ष वर्ल्ड वाइड इस प्लेटफार्म पर 160-65 देशों से आवेदन भी आए थे। इनमें से 120 से अधिक देशों के बच्चों को हमने कनाडा, यूएस,ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड भेजा था।एआई के परिपेक्ष में बताते हुए उन्होंने कहा सभी क्षेत्रों में एआई का दखल बढ़ रहा है। उन्होंने कहा भारत के टियर-2 शहरों में हमारी पहुंच का लगातार विस्तार हो रहा है।उन्होंने बताया कि हम यूक्रेन रुस युद्ध से प्रभावित छात्रों को अन्य देशों में समायोजित करने का प्रयास भी करते हैं। हमारे प्लेटफॉर्म पर करीब 1500 से 1600 यूनिवर्सिटीज और कॉलेजेस हैं। और करीब 160 165 कंट्रीज के बच्चे हैं जिन्हें हम यूएस, यूके,ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, जर्मनी, कनाडा पढ़ने के लिए भेजते हैं। अप्लाईबोर्ड सभी युनिवर्सिटीज के 2 लाख प्लस प्रोग्राम्स में से शॉर्टलिस्ट करके बच्चों के लिए बेस्ट प्रोग्राम्स को चुनता है। इसमें सफलता दर 95 प्रतिशत है हम बच्चों से कुछ चार्जिंग नहीं करते हैं। हम एक प्लेटफॉर्म है हम एक मीडिएटर है और एक बी टू बी कंपनी है।लोकप्रिय कोर्स और जॉब डिमांड पर बताते हुए अप्लाईबोर्ड के हेड ऑफ इंडिया रिक्रूटमेंट पथिक देसाई और सीनियर डायरेक्टर कस्टमर एक्सपीरियंस अनुज मित्तल ने कहा सबसे ज्यादा यहां से लोग बिजनेस के कोर्सेज और कंप्यूटर साइंस के टेक्निकल कोर्सेज के लिए बाहर पढ़ने जाते हैं। एआई, डाटा साइंस मशीन लर्निंग के कोर्सेज, लॉ और नर्सिंग के कोर्सेज भी बहुत पॉपुलर है। हेल्थ केयर के जो जॉब्स हैं उनकी डिमांड बहुत ज्यादा है। हमारा लक्ष्य स्टूडेंट का रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक स्टूडेंट्स को हेल्प करना है।

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