बंदरों के खौफ से जनता परेशान, काटने के कई मामले आए सामने

Edited By Isha, Updated: 04 Sep, 2019 11:37 AM

public upset due to fear of monkeys

शहर के कई क्षेत्रों में बंदरों का इतना खौफ है कि लोग बंदरों के झुंड को देखकर अपने घरों के दरवाजे बंद रखने में ही अपनी भलाई समझते हैं। शहरवासियों का कहना है कि बंदर इतने आक्रामक हो गए हैं

टोहाना : शहर के कई क्षेत्रों में बंदरों का इतना खौफ है कि लोग बंदरों के झुंड को देखकर अपने घरों के दरवाजे बंद रखने में ही अपनी भलाई समझते हैं। शहरवासियों का कहना है कि बंदर इतने आक्रामक हो गए हैं कि लाठी दिखाने पर भागने की बजाए काटने को दौड़ते हैं। घरों की छतें बंदरों का आश्रयस्थल बनकर रह गई हैं। जिस कारण लोगों ने छतों पर जाना ही छोड़ दिया है।

शहर के पंचमुखी शिव मंदिर, भूना रोड, गीता कालोनी, प्रेमनगर, माडल टाऊन, जमालपुर रोड, चंडीगढ़ रोड सहित पूरे शहर में बंदर सारी रात धमाचौकड़ी करते रहते हैं जिससे लोग रात को सोने के लिए भी तरस गए हैं। आक्रामक बंदर कभी भी किसी बड़े हादसे को अंजाम दे सकते हैं। क्षेत्र में बंदरों को काटने के कई मामले सामने आए हैं। रतिया रोड स्थित पंचमुखी शिव मंदिर में तो बंदरों का आतंक चरम पर है। बंदरों के कारण यहां आने वाले सभी भक्तजन परेशान हैं।  

बंदरों के कारण कई भक्तजन चोटिल हो चुके हैं। कुछ माह पहले शहर से बंदरों को पकड़ा गया था, उसके बाद तो सिर्फ प्रशासन द्वारा कागजी कार्रवाई ही की गई है। शहर की समाजसेवी संस्थाओं और गण्यमान्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन कड़े कदम उठाते हुए जनता के लिए खतरा बनते जा रहे बंदरों को पकडऩे के लिए विशेष अभियान चलाए। इसके साथ-साथ अगर पिछले दो वर्षों में नगरपरिषद द्वारा बंदर पकडऩे के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े की जांच की जाए तो लाखों रूपए का गोलमाल जनता के सामने आ सकता है।

यह कहना है नगरपरिषद प्रधान का
इस बारे में नगरपरिषद प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि वन्य प्राणी विभाग से बंदर पकडऩे की अनुमति के बाद जल्द कार्रवाई की जाएगी। विभाग शहर की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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