विज्ञान संकाय बंद करने पर विद्यार्थियों ने स्कूल गेट पर जड़ा ताला

Edited By Isha, Updated: 25 Aug, 2019 04:47 PM

students lock the school gate after closing the science faculty

जाटूसाना खंड के गांव सूमाखेड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में विज्ञान संकाय बंद कर दिए जाने से गुस्साए विद्याॢथयों व ग्रामीणों ने शनिवार को स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया और गेट के समक्ष धरना

रेवाड़ी: जाटूसाना खंड के गांव सूमाखेड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में विज्ञान संकाय बंद कर दिए जाने से गुस्साए विद्याॢथयों व ग्रामीणों ने शनिवार को स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया और गेट के समक्ष धरना देकर बैठ गए। इनमें बड़ी संख्या छात्राओं की भी थी। उन्होंने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। करीब 5 घंटे बाद जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। 

जानकारी के अनुसार गांव सूमाखेड़ा वह गांव है, जहां वर्ष 2016 में छात्राओं ने स्कूल को 12वीं तक अपग्रेड कराने के लिए लम्बे समय तक भूख हड़ताल की थी और धरना-प्रदर्शन किया था। तब कहीं जाकर सरकार की नींद टूटी थी और इसे 2016 से अपग्रेड करने के साथ ही विज्ञान संकाय को भी शुरू किया गया था। वीरवार को प्राचार्य ने कक्षा 11वीं व 12वीं के विद्याॢथयों को बताया कि सरकार द्वारा स्कूल से विज्ञान संकाय को बंद कर दिया गया है। इसलिए सभी विद्यार्थी किसी अन्य स्कूल में प्रवेश ले सकते हैं। जब इस बात का पता अभिभावकों को लगा तो वे भड़क गए। शनिवार को गुस्साए ग्रामीण व विद्याॢथयों ने स्कूल के गेट को ताला जड़ दिया तथा शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। 

शिक्षकों को भी स्कूल के अंदर ही बंद कर दिया गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने विद्याॢथयों व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण शिक्षा अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्या के समाधान की मांग पर अड़े रहे। तालाबंदी की सूचना के बाद जिला शिक्षा अधिकारी रामकुमार फलसवाल दोपहर करीब एक बजे स्कूल में पहुंचे। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के नियमानुसार विज्ञान संकाय के लिए 11वीं व 12वीं कक्षा में क्रमश: 10-10 विद्यार्थी होने जरूरी हैं लेकिन इस स्कूल कीं दोनों कक्षाओं में मात्र 11 विद्यार्थी हैं। इस मामले में उपायुक्त से मुलाकात के बाद ही कुछ समाधान निकल सकता है। इसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोल दिया तथा उपायुक्त से मुलाकात का निर्णय लिया।

गांव की महिला सरपंच उर्मिला देवी ने बताया कि शनिवार को ही पंचायत व अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त यशेन्द्र सिंह से मिला। उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि सोमवार से स्टाफ भेज दिया जाएगा लेकिन बच्चों की संख्या को बढ़ाना आपका दायित्व है। इस मौके पर गांव के भैरूमल, सत्यबीर सिंह, रामकिशन, प्रभातिलाल व जिले सिंह आदि भी उपस्थित थे। 

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