Edited By Isha, Updated: 26 Jun, 2026 10:54 AM

नागरिक अस्पताल के लेबर वार्ड में पांच दिन से भर्ती गर्भवती महिला की शौचालय में डिलीवरी हो गई। इसके कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गई। गर्भवती महिला की मां ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि अस्पताल प्रशासन की देरी के कारण...
सोनीपत: नागरिक अस्पताल के लेबर वार्ड में पांच दिन से भर्ती गर्भवती महिला की शौचालय में डिलीवरी हो गई। इसके कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गई। गर्भवती महिला की मां ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि अस्पताल प्रशासन की देरी के कारण नवजात की जान चली गई।
मालवीय नगर की नेहा की शादी दिल्ली के तारा नगर क्षेत्र में हुई है। वह प्रसव के लिए अपने मायके आई थी। मां के अनुसार नेहा को पांच दिन पहले प्रसव के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था।करीब तीन दिन पहले चिकित्सक ने उन्हें बताया था कि गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कनें काफी कम हैं। इसलिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ेगा।
गर्भवती महिला की मां का आरोप है कि भर्ती करने के बाद नेहा की देखरेख नहीं की गई। इसके अलावा एक वार्ड से दूसरे वार्ड में भेजा जाता रहा और प्रसव को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। परिजनों के मुताबिक डिलीवरी से पहले नेहा शौचालय गई थी जहां अचानक बाथरूम में ही उसकी डिलीवरी हो गई। आरोप है कि उस समय वहां कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था।परिजनों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में तीन दिन पहले ही बच्चे की धड़कन कम होने की बात सामने आई थी। इसके बाद भी डॉक्टरों ने लापरवाही की।
परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप, डॉक्टर बोलीं-लेबर टेबल पर हुई डिलीवरी
डॉ. अनुराधा जैन, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल ने बताया कि मां और बच्चे की हालत पहले से गंभीर थी। इसकी जानकारी परिजनों को दी गई थी। डिलीवरी शौचालय में नहीं, लेबर टेबल पर हुई। अल्ट्रासाउंड में बच्चे की धड़कन बेहद कम मिलीं थीं। मामले की जांच की जा रही है।