Edited By Krishan Rana, Updated: 09 Apr, 2026 08:04 PM

भारत सरकार के ऊर्जा तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री माननीय मनोहर लाल आज अपने आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : भारत सरकार के ऊर्जा तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री माननीय मनोहर लाल आज अपने आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत के लिए भूटान पहुँचे, जो भारत–भूटान द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस यात्रा के दौरान, मनोहर लाल जी ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे (Tshering Tobgay) से भेंट की। यह बैठक दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी साझेदारी को दर्शाती है तथा स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास में सहयोग को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करती है। भारत और भूटान के बीच उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंध हैं, जो आपसी विश्वास, समझ और विभिन्न क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग से परिभाषित होते हैं। यह यात्रा ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ करने की दोनों देशों की साझा दृष्टि को रेखांकित करती है।
माननीय मंत्री ने भूटान सरकार के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योंपो जेम शेरिंग (Lyonpo Gem Tshering) से भी मुलाकात की। चर्चा का मुख्य केंद्र जलविद्युत क्षेत्र में जारी सहयोग को मजबूत करना रहा, जो भारत–भूटान संबंधों का एक प्रमुख आधार है, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा और क्षेत्रीय विद्युत व्यापार के भविष्य के अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विद्युत क्षेत्र में सहयोग के दायरे का विस्तार करते हुए, भारत और भूटान ने एक उन्नत द्विपक्षीय संस्थागत ढांचा तंत्र स्थापित किया है। यह तंत्र दोनों देशों के बीच चल रही और भविष्य की पहलों की नियमित समीक्षा और समन्वय को सक्षम करेगा, जिससे सहयोग को और मजबूत किया जा सके। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में गैर-जलविद्युत ऊर्जा, सीमा-पार ट्रांसमिशन, परियोजना वित्तपोषण, क्षमता निर्माण और संस्थागत साझेदारी शामिल हैं।
इस दौरान, माननीय मंत्री ने (i) पुनातसांगछू-II जलविद्युत परियोजना के टैरिफ प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर का साक्ष्य किया, जो दोनों देशों के बीच परस्पर लाभकारी जलविद्युत सहयोग में एक और महत्वपूर्ण कदम है। 1020 मेगावाट की पुनातसांगछू-II जलविद्युत परियोजना का संयुक्त रूप से उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री महामहिम श्री नरेंद्र मोदी और भूटान के महामहिम राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक द्वारा 11 नवंबर 2025 को किया गया था, और इसने 19 सितंबर 2025 से आपसी सहमति से निर्धारित प्रारंभिक टैरिफ पर भारत को अतिरिक्त विद्युत का निर्यात शुरू कर दिया था।
माननीय मंत्री ने रिएक्टिव पावर एक्सचेंज के लिए रिएक्टिव ऊर्जा लेखांकन की कार्यप्रणाली पर हस्ताक्षर का भी साक्ष्य किया, जो एक तकनीकी ढांचा है, जिसका उद्देश्य ग्रिड स्थिरता को बढ़ाना, सीमा-पार विद्युत विनिमय की दक्षता में सुधार करना और द्विपक्षीय विद्युत व्यापार को सुव्यवस्थित करना है। इस यात्रा के दौरान हुए ये सभी कार्यक्रम सहयोग के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेंगे और दोनों देशों की निरंतर समृद्धि एवं जनकल्याण में योगदान देंगे।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)