गुड़गांव ट्रैफिक पुलिस का कारनामा, EV गाड़ी का कर दिया बिना PUC का चालान

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 27 Dec, 2025 10:41 PM

traffic police imposed no puc challan to ev vehicle

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर की जा रही कार्रवाई के बीच गुड़गांव ट्रैफिक पुलिस का बड़ा कारनामा सामने आया है। गुड़गांव पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से किए जा रहे चालानों में बड़ी चूक की गई है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर की जा रही कार्रवाई के बीच गुड़गांव ट्रैफिक पुलिस का बड़ा कारनामा सामने आया है। गुड़गांव पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से किए जा रहे चालानों में बड़ी चूक की गई है। एक इलेक्ट्रिक कार का गुड़गांव ट्रैफिक पुलिस ने बिना वैलिड पीयूसी सर्टिफिकेट का चालान कर दिया। इस चालान के बाद गुड़गांव पुलिस की किरकिरी होनी शुरू हो गई। वहीं, मामले को जब पंजाब केसरी ने उठाया तो पुलिस हरकत में आई और अपनी इस गलती में सुधार भी किया। वहीं, पुलिस ने इसे एक तकनीकी खामी बताया और तुरंत ही इसमें सुधार किया।

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दरअसल, गुड़गांव के रहने वाले डॉ मनोज जैन ने बताया कि उनके पास एमजी की इवी व्हीकल है। 22 दिसंबर को वह उसे लेकर गुरुद्वारा रोड से जा रहे थे। उन्होंने बताया कि जब वह अग्रवाल धर्मशाला चौक के ट्रैफिक सिग्नल पर थे और उनकी गाड़ी स्टॉप लाइन से कुछ आगे आ चुकी थी तो अचानक ट्रैफिक सिग्नल लाल होने के कारण उन्हें रुकना पड़ा। ऐसे में यहां लगे सीसीटीवी कैमरे में उनका स्टॉप लाइन वॉयलेशन का चालान बना दिया गया। वहीं, उनके पैरों तले उस वक्त जमीन खिसक गई जब इस पोस्टल चालान में उन पर बिना पीयूसी सर्टिफिकेट का जुर्माना भी लगाया गया। उन्होंने कहा कि हैरत की बात यह है कि जिस गाड़ी को लेकर वह सड़क पर निकलते हैं उसमें न तो कोई इंजन है और न ही वह पेट्रोल, डीजल और सीएनजी पर चलती है।

 

बैटरी और मोटर से चलने वाली गाड़ी होने के कारण ही इसे ग्रीन व्हीकल यानी नॉन पॉल्युटिंग व्हीकल का दर्जा मिला हुआ है, जिस प्रदूषण सर्टिफिकेट के दायरे से बाहर रखा गया है, लेकिन जिस तरह से गुड़गांव पुलिस ने यह जुर्माना लगाया उससे साफ है कि पुलिस केवल जुर्माना लगाकर रुपए वसूला जानती है। वह जुर्माना लगाने और उसे वसूलने के लिए कोई भी गलत कदम उठा सकती है। उन्होंने बताया कि गलत तरीके से बनाए गए इस चालान की 11500 रुपए की राशि को ठीक कराने के लिए उन्होंने जब ऑनलाइन तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज की तो उन्हें पुलिस की तरफ से फोन आया और अपनी शिकायत ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में आकर दर्ज कराने के लिए कह दिया। 

 

वहीं, मामला जब पंजाब केसरी की टीम ने प्रमुखता से उठाया तो ट्रैफिक पुलिस हरकत में आई और कुछ ही देर में मामले में चालान की गलत धारा को हटाकर जुर्माने की राशि को 11 हजार रुपए कम कर दिया। वहीं, मामले में ट्रैफिक पुलिस के प्रवक्ता ने तर्क दिया कि यह एक तकनीकी खामी है। जिसे दूर कर दिया गया है। अब वाहन चालक को केवल स्टॉप लाइन वॉयलेशन का ही चालान 500 रुपए भुगतना होगा। इसे पुलिस के सिस्टम में भी अपडेट कर दिया गया है।

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