Edited By Isha, Updated: 02 Apr, 2025 08:12 AM

हरियाणा सरकार द्वारा परिवार पहचान पत्र (PPP) के नियमों में में बदलाव किया गया है। यह कदम राज्य के प्रशासनिक और योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। अब परिवार पहचान पत्र केवल उन परिवारों को मिलेगा जो प्रदेश में रहते हैं।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार द्वारा परिवार पहचान पत्र (PPP) के नियमों में में बदलाव किया गया है। यह कदम राज्य के प्रशासनिक और योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। अब परिवार पहचान पत्र केवल उन परिवारों को मिलेगा जो प्रदेश में रहते हैं।
अगर कोई परिवार बाहर चला जाता है या किसी सदस्य का निधन हो जाता है, तो पीपीपी को रद्द कर दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल वास्तविक और वर्तमान में प्रदेश में रहने वाले परिवारों का डेटा ही उपयोग में लाया जाए।
साथ ही, पीपीपी के डेटा को निजी या गैर सरकारी एजेंसियों से साझा करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है, ताकि डेटा की सुरक्षा बनी रहे। इसके अलावा, यदि परिवार का मुखिया किसी सदस्य को पीपीपी से बाहर करने का अनुरोध करता है, तो उस सदस्य का डेटा भी रद्द कर दिया जाएगा।पीपीपी में दर्ज परिवार के किसी सदस्य की जाति के सत्यापन की जिम्मेदारी पटवारी और कानूनगो की होगी। परिवार सूचना डाटा कोष में संबंधित परिवार के सदस्यों द्वारा दर्शाई गई जाति की जानकारी दिए बिना उस पटवारी को सत्यापन के लिए भेजी जाएगी, जिसके अधिकार क्षेत्र में परिवार रहता है।