Edited By Yakeen Kumar, Updated: 06 Jan, 2026 06:03 PM

हरियाणा सरकार ने दक्षिणी हरियाणा और दिल्ली की जल जरूरतों के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में ठोस योजना तैयार कर ली है।
कुरुक्षेत्र : भले ही सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच विवाद अब भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित हो, लेकिन हरियाणा सरकार ने इस नहर को दक्षिणी हरियाणा और दिल्ली की जल जरूरतों के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में ठोस योजना तैयार कर ली है।
सिंचाई विभाग के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर SYL में नरवाना ब्रांच नहर और मारकंडा नदी का पानी भी छोड़ा जाएगा, जिससे एक ओर पानी की आपूर्ति बढ़ेगी तो दूसरी ओर बरसात के दौरान मारकंडा से आने वाली बाढ़ का खतरा भी कम होगा।
इन 2 नहरों से भेजा जाएगा पानी
विभाग ने दक्षिणी हरियाणा की ओर प्रतिदिन करीब 10 हजार क्यूसेक पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसमें से करीब 6,500 क्यूसेक पानी SYL नहर के माध्यम से तथा 3,500 क्यूसेक नरवाना ब्रांच से भेजा जाएगा। इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए नहरों का बड़े स्तर पर जीर्णोद्धार किया जा रहा है, ताकि वर्षों से जर्जर हो चुकी जल संरचनाओं की क्षमता बहाल की जा सके।
50 करोड़ रूपये खर्च होंगे
जानकारी के अनुसार, कुरुक्षेत्र जिले की सीमा में करीब 35 किलोमीटर लंबी SYL नहर का कायाकल्प किया जाएगा, जिस पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कई स्थानों पर नहर की चौड़ाई मूल 25 फीट से घटकर 15 फीट रह गई है, जबकि तल में गाद जमने और झाड़ियों के कारण जल प्रवाह बाधित हो रहा है।
सीएम की अंतिम मंज़ूरी बाकी
प्रदेश स्तरीय तकनीकी समिति इस परियोजना को स्वीकृति दे चुकी है और अब अंतिम मंजूरी मुख्यमंत्री स्तर से मिलनी बची है। विभाग का मानना है कि कार्य पूरा होने के बाद दक्षिणी हरियाणा को स्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
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