Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 04 Apr, 2025 03:31 PM

हरियाणा की सबसे बड़ी सीलिंग कार्रवाई पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम रोक लगा दी है। आज गुरुग्राम के डीएलएफ फेस 1 से लेकर 5 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की टीम सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंची थी लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया और...
गुड़गांव, (ब्यूरो): हरियाणा की सबसे बड़ी सीलिंग कार्रवाई पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम रोक लगा दी है। आज गुरुग्राम के डीएलएफ फेस 1 से लेकर 5 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की टीम सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंची थी लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया और सुप्रीम कोर्ट ने कुछ हफ्तों के लिए इस मामले में स्टेटस-को लगा दिया है। इसके बाद निवासियों ने राहत की सांस ली और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।
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दरअसल हाई कोर्ट ने विभाग को आदेश दिया था कि जो भी अवैध निर्माण और रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधि डीएलएफ क्षेत्र में चल रही है उस पर कार्रवाई करें। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी किया और लोगों को रिस्टोरेशन करने का समय दिया और आज से 11 दिन के लिए विभाग ने सीलिंग कार्रवाई करने का प्लान बनाया लेकिन कार्रवाई से पहले ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया और सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कुछ समय के लिए सीलिंग कार्रवाई को रोक दिया।
वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई इलाके में हुई तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने विभाग की लापरवाही पर भी आरोप लगे है। उन्होंने कहा कि जब निर्माण हो रहा था अगर उसी वक्त विभाग अवैध निर्माण को रोकता तो आज यह स्थिति न उत्पन्न होती। डीटीपी इंफोर्समेंट अमित मंधोलिया के मुताबिक, डीएलएफ फेज-3 थाने में पूरे दलबल के साथ पहुंच गए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई को रोक दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि डीएलएफ फेज-1 से 5 के बीच करीब 15 हजार घर हैं। इनमें से करीब 4200 लोगों ने नियमों की धज्जियां उड़ाकर मकान का निर्माण किया। किसी ने ओसी लेने के बाद भी इसमें निर्माण कराया तो किसी ने पार्किंग में ही कमरे और दुकान बना दी जिसके बाद हाईकोर्ट ने इनके रीस्टोरेशन के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद ही 11 दिन तक यहां सीलिंग ड्राइव चलाकर रिपोर्ट सब्मिट की जानी थी, लेकिन कार्रवाई शुरू करने से पहले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश आ गए जिसके कारण कार्रवाई को रोक दिया गया है।