मानेसर की कंपनियों को पेट्रोल बम से दहलाने की थी साजिश, चैट में हुआ खुलासा

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 13 Apr, 2026 03:09 PM

six caught by police for planning blast with petrol bomb at manesar industries

मानेसर में 9 अप्रैल हो हुई हिंसा के दौरान कंपनियों को पेट्रोल बम से उड़ाने की साजिश रची गई थी। यह साजिश श्रमिकों की तरफ से नहीं बल्कि बाहरी व्यक्तियों की तरफ से रची गई और वह श्रमिकों के रूप में भीड़ में कंपनियों के बाहर पहुंच गए और श्रमिकों को...

गुड़गांव, (ब्यूरो): मानेसर में 9 अप्रैल हो हुई हिंसा के दौरान कंपनियों को पेट्रोल बम से उड़ाने की साजिश रची गई थी। यह साजिश श्रमिकों की तरफ से नहीं बल्कि बाहरी व्यक्तियों की तरफ से रची गई और वह श्रमिकों के रूप में भीड़ में कंपनियों के बाहर पहुंच गए और श्रमिकों को लगातार उकसाने लगे ताकि वह हिंसा पर उतारू हो जाएं। इसका खुलासा पुलिस ने व्हाट्सएप चैट से किया है। इस मामले में पुलिस ने 6 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।

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पुलिस के मुताबिक, अपराध शाखा मानेसर की टीम द्वारा मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए 6 अन्य आरोपियों को काबू किया है जिनकी इस हिंसा को भड़काने में अहम भूमिका रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आकाश निवासी भरान जिला रोहतक, हरीश चन्द निवासी किलबोखाल जिला पोडीगडवाल (उत्तराखण्ड), पिन्टू कुमार यादव निवासी परसाही सिरसिया जिला मधुबनी (बिहार), राजू सिहं निवासी निवार मण्डी जिला उद्यमसिहं नगर (उत्तराखण्ड), श्यामबीर निवासी गूरा बरेला जिला बदायू (उत्तर-प्रदेश) व अजीत सिंह निवासी लखमीरवाला जिला जीन्द (हरियाणा) के रूप में हुई है।

 

पुलिस जांच में ज्ञात हुआ कि आरोपी हड़ताल के दौरान कंपनियों में/वाहनों में तोड़फोड़ करने, आगजनी करने, पुलिस पर पथराव करने कंपनी कर्मचारी/पुलिस कर्मचारियों के साथ मारपीट करने की वारदात को अंजाम देने के मुख्य साजिशकर्ताओ में से है। तथा उपरोक्त आरोपियों में से ज्यादातर का गुरुग्राम की किसी भी कंपनी से कोई संबंध नहीं है। उपरोक्त आरोपियों ने हड़ताल कर रहे श्रमिकों को कंपनी में आग लगाने, तोड़फोड़ करने तथा पुलिस पर पथराव करने के लिए लगातार उकसाया तथा भड़काया भी था।

 

आपको बता दें कि वेतन बढ़ाने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित अन्य मांगों को लेकर मानेसर में कई कंपनियों के करीब 10 हजार श्रमिकों ने हड़ताल की थी। 8 अप्रैल को जिलाधीश ने मानेसर में धारा 163 लागू कर पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्र होने पर पाबंदी लगा दी थी। बावजूद इसके भी 9 अप्रैल की सुबह श्रमिक कंपियों के बाहर हजारों की संख्या में एकत्र हो गए। जब पुलिस प्रशासन उन्हें समझाकर मौके से हटाने का प्रयास कर रहा था तो भीड़ ने पुलिस के साथ हाथापाई करते हुए पथराव कर दिया। कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस की गाड़ियों को तोड़ दिया था। 

 

इस मामले में पुलिस ने दो मामले दर्ज कर एक मामले में 11 तथा दूसरे मामले में 44 लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की तरफ से कोई भी जमानत लेने वाला नहीं था। ऐसे में उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था और सोमवार को इन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाना है। वहीं, मामले में जांच करते हुए अब अपराध शाखा मानेसर ने इन 6 आरोपियों को काबू किया है जिनके द्वारा पूरे मानेसर को पेट्रोल बम से दहलाने की साजिश रची जा रही थी। फिलहाल पुलिस ने इन आरोपियों के मोबाइल भी कब्जे में लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर यह साजिश किसके कहने पर रची जा रही थी। 

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