Edited By Isha, Updated: 12 Mar, 2026 07:22 PM

स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 1888 पीएम श्री और सरकारी मॉडल संस्कृति स्कूलों में शिक्षकों के तवादलों के लिए ट्रांसफर ड्राइव का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह प्रक्रिया वीरवार से शुरू होकर 4 अप्रैल 2026 तक चलेगी।
चंडीगढ़: हरियाणा में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को संतुलित करने के लिए शिक्षा विभाग बड़ा ट्रांसफर ड्राइव शुरू करने की तैयारी में है। राज्य के 1888 मॉडल संस्कृति और पीएमश्री स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए यह प्रक्रिया लागू होगी। विभाग ने ट्रांसफर का शेड्यूल तैयार कर लिया है और इसे जारी करने की अंतिम तैयारी चल रही है। संभावना है कि 13 मार्च से ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इस ड्राइव का मकसद उन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती बढ़ाना है, जहां लंबे समय से स्टाफ की कमी बनी हुई है। इससे कई जिलों के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का संतुलन बेहतर करने की कोशिश की जाएगी शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 1888 मॉडल संस्कृति और पीएमश्री स्कूलों में 5500 से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं। ट्रांसफर ड्राइव के जरिए इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती संतुलित करने का प्रयास किया जाएगा।
इन स्कूलों में पीआरटी, एचटी, ईएसएचएम, टीजीटी, एचएम, प्रिंसिपल और पीजीटी समेत विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक शामिल होंगे। जिन स्कूलों में शिक्षक कम हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर पोस्टिंग दी जा सकती है।
राज्य में कुल 1888 मॉडल संस्कृति और पीएमश्री स्कूलों में 1420 प्राइमरी, 464 सीनियर सेकेंडरी और 4 सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। इन संस्थानों में अभी करीब 13 हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। ट्रांसफर ड्राइव के जरिए इन स्कूलों में विषयवार और स्तर के हिसाब से शिक्षकों की उपलब्धता को संतुलित करने की योजना बनाई गई है, ताकि पढ़ाई पर सीधा असर न पड़े। पिछले साल मई में शिक्षा विभाग ने मॉडल संस्कृति और पीएमश्री स्कूलों में नियुक्ति के इच्छुक शिक्षकों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट कराया था। इस टेस्ट के लिए 12,232 शिक्षकों ने आवेदन किया था, जिनमें से 10,474 शिक्षक परीक्षा में शामिल हुए।
परीक्षा में 10,041 शिक्षक सफल घोषित हुए थे। इसके अलावा पहले चरण की प्रक्रिया पूरी करने वाले 2,768 शिक्षकों को भी इस ड्राइव में शामिल किया जाएगा। इस तरह कुल 12,809 से ज्यादा शिक्षक ट्रांसफर ड्राइव का हिस्सा बन सकते हैं। स्क्रीनिंग टेस्ट के दौरान करीब 158 शिक्षक अपने दस्तावेज समय पर अपलोड नहीं कर पाए थे। विभाग ने उन्हें उस समय अतिरिक्त मौका भी दिया था, लेकिन इसके बावजूद दस्तावेज जमा नहीं हो सके।
स्क्रीनिंग टेस्ट में कुल 100 नंबर तय किए गए थे, जिसमें 60 नंबर एकेडमिक और 40 नंबर लिखित परीक्षा के थे। दस्तावेज अपलोड न होने के कारण ये शिक्षक पास होने के बाद भी असफल श्रेणी में आ गए थे।अब इन शिक्षकों को अंतिम अवसर देने पर विचार किया जा रहा है। इससे जुड़ी फाइल एसीएस स्कूल शिक्षा विभाग के पास अंतिम निर्णय के लिए भेजी गई है। यदि वहां से मंजूरी मिलती है तो दस्तावेज अपलोड करने के लिए लिंक फिर से खोला जा सकता है। इससे इन शिक्षकों को भी ट्रांसफर ड्राइव में शामिल होने का मौका मिल सकता है।