कर्मचारियों की हड़ताल, 40 प्रतिशत गुड़गांव में बिजली गुल, 12 घंटे में 3 हजार से ज्यादा शिकायतें

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 22 Oct, 2026 01:32 PM

more than 3 thousand complaint received for electricity shutdown

निजीकरण के विरोध में शुरू हुई बिजली निगम के कर्मचारियों की हड़ताल का असर गुड़गांव में दिखाई देना शुरू हो गया है। रात 10 बजे से ही गुड़गांव के अलग-अलग हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप होनी शुरू हो गई।

गुड़गांव, (ब्यूरो): निजीकरण के विरोध में शुरू हुई बिजली निगम के कर्मचारियों की हड़ताल का असर गुड़गांव में दिखाई देना शुरू हो गया है। रात 10 बजे से ही गुड़गांव के अलग-अलग हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप होनी शुरू हो गई। हड़ताल शुरू होते ही महज 12 घंटे में ही बिजली निगम में 3 हजार से ज्यादा शिकायतें बिजली आपूर्ति बाधित होने की पहुंच गई हैं। बिजली निगम के कर्मचारियों की मानें तो देर रात से ही विभाग में शिकायतें आनी शुरू हो गई थी। रात को जहां 945 शिकायतें बिजली निगम में प्राप्त हुई तो वहीं, सुबह अचानक महज दो घंटे में 2245 शिकायतें प्राप्त हो गई। यही नहीं ऑनलाइन व कॉल सेंटर के नंबरों के माध्यम से लगातार शिकायतें आने का दौर जारी है। वहीं, बिजली निगम के कर्मचारियों ने एकत्र होकर बिजली निगम के सर्कल ऑफिस महरोली रोड पर अपना विरोध प्रदर्शन भी किया। बिजली निगम के सभी शिकायत केंद्रों पर ताले लटका दिए गए हैं। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वादा खिलाफी का आरोप भी लगाया। वहीं एहतियाद के तौर पर बिजली निगम के सभी कार्यालयों में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि बिजली निगम के कर्मचारी शहर की बिजली व्यवस्था को ठप न कर पाएं।

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बिजली निगम यूनियन के पदाधिकारियों की मानें तो सरकार की वादा खिलाफी के कारण ही कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने को विवश होना पड़ा है। दो दिन पहले तक सरकार को चेतावनी दी गई थी, लेकिन सरकार के नुमाइंदों ने कर्मचारियों की मांगों को दरकिनार कर दिया। ऐसे में कर्मचारियों ने सांकेतिक रूप से दिन दिन की हड़ताल शुरू कर दी। बुधवार रात 10 बजे से बिजली निगम के कर्मचारी हड़ताल पर आ गए। रात से ही लाइनों में आने वाले सभी फाल्ट रिपेयर नहीं किए जा रहे हैं। यही कारण है कि गुड़गांव के 40 प्रतिशत हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। लोगों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल पा रहा है। रसोई में महिलाओं को टॉर्च की रोशनी में खाना बनाना पड़ रहा है। 

 

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बिजली निगम के अधिकारियों की मानें तो देर रात को सेक्टर-5, 6, 7, भीम नगर, अशोक विहार फेज-1, 2, 3, पालम विहार, लक्ष्मण विहार का कुछ हिस्सा, दौलताबाद, राजेंद्रा पार्क, फर्रूखनगर, सेक्टर-10, सेक्टर-10ए, हीरा नगर सहित कई अन्य एरिया से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। विभाग की तरफ से इन शिकायतों को दर्ज तो किया जा रहा है, लेकिन इन शिकायतों का समाधान कब तक होगा इसका कोई समय नहीं है। ऐसे में लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। घरों में लगे इनवर्टर तक डेड हो चुके हैं। वर्क फ्रॉम होम करने वालों को काफी परेशानी हुई। इसके अलावा कई अन्य एरिया में लोग बिजली और पानी न होने के कारण बच्चों को स्कूल तक नहीं भेज पाए।

 

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बिजली निगम के कर्मचारियों की मानें तो अब तक वह सरकार के झूठे आश्वासनों में आकर अपने आंदाेलन को रोक देते थे, लेकिन इस बार वह आरपार की लड़ाई के मूड़ में हैं। अगर तीन दिन की सांकेतिक हड़ताल के दौरान सरकार बिजली निगम कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारियों से बात नहीं करती है और निजीकरण के फैसले को रद्द करने के साथ ही कर्मचारियों की लंबित मांगों को नहीं मानती है तो वह इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन में परिवर्तित कर देंगे। कर्मचारियों का कहना है कि इस हड़ताल के दौरान उन्होंने न ताे कोई अपने स्तर पर बिजली आपूर्ति बाधित की है और न ही वह फाल्ट रिपेयर कर रहे हैं। अगर आपातकालीन सेवाओं की लाइनों में कोई फाल्ट आता है तो वह इस दौरान भी फाल्ट ठीक करने के लिए नहीं जाएंगे।

 

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