Edited By Isha, Updated: 02 Jun, 2026 09:34 AM

एशियन गेम्स-2026 के ट्रायल के दौरान सेमीफाइनल में अनुभवी पहलवान विनेश फोगाट को हराकर सुर्खियों में आईं युवा पहलवान मीनाक्षी गोयत ने फाइनल मुकाबले में हार के बाद मीनाक्षी ने कुछ तकनीकी बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं।
सोनीपत: एशियन गेम्स-2026 के ट्रायल के दौरान सेमीफाइनल में अनुभवी पहलवान विनेश फोगाट को हराकर सुर्खियों में आईं युवा पहलवान मीनाक्षी गोयत ने फाइनल मुकाबले में हार के बाद मीनाक्षी ने कुछ तकनीकी बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि निर्णायक क्षणों में मिले अंकों को लेकर उन्हें आपत्ति है। इसकी समीक्षा के लिए संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग को वीडियो भेजा है। अब सभी की नजर समीक्षा के परिणाम पर टिकी है। मीनाक्षी कहती हैं कि उनका सबसे बड़ा सपना ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
चोटों को मात देकर यहां तक पहुंचीं मीनाक्षी
मीनाक्षी का अब तक का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उनके पिता प्रेम ने बताया कि करियर के एक पड़ाव पर मीनाक्षी गंभीर चोटों (Injuries) से जूझ रही थीं, और डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि वह दोबारा शायद ही मैट पर उतर पाएं। लेकिन अपनी कड़ी मेहनत और जिद के बदौलत उन्होंने न सिर्फ वापसी की, बल्कि एशियाई चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने के बाद अब विनेश फोगाट जैसी चैंपियन खिलाड़ी को भी मात दी।
'लक्ष्य सिर्फ ओलंपिक का गोल्ड मेडल'
एशियन गेम्स के चयन विवाद के बीच मीनाक्षी का हौसला कम नहीं हुआ है। सोनीपत में अपने परिवार के साथ वक्त बिता रहीं मीनाक्षी ने अपने भविष्य के प्लान को लेकर कहा उनका पूरा ध्यान अब आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप पर केंद्रित है। देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना ही उनका सबसे बड़ा सपना है, जिसके लिए वह अपनी कमियों को सुधार कर मैट पर दोबारा उतरने को तैयार हैं।