Haryana का ये मंदिर अब हुआ श्राइन बोर्ड के अधीन, सरकार ने जारी आधिकारिक अधिसूचना

Edited By Isha, Updated: 07 Dec, 2025 06:21 PM

mata bhimeshwari devi temple in haryana is now under the shrine board

हरियाणा के झज्जर जिले के बेरी कस्बे में स्थित ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र माता भीमेश्वरी मंदिर अब आधिकारिक रूप से श्राइन बोर्ड के अधीन आ गया है। हरियाणा सरकार ने राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद

झज्जर (दिनेश): हरियाणा के झज्जर जिले के बेरी कस्बे में स्थित ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र माता भीमेश्वरी मंदिर अब आधिकारिक रूप से श्राइन बोर्ड के अधीन आ गया है। हरियाणा सरकार ने राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही मंदिर का पूरा संचालन, व्यवस्थापन और विकास कार्य अब व्यवस्थित तरीके से श्राइन बोर्ड संभालेगा। इस निर्णय को स्थानीय लोगों, भक्तों और सामाजिक संगठनों ने सकारात्मक कदम बताया है।

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि श्राइन बोर्ड अब मंदिर की आय-व्यय पर नियंत्रण रखेगा और सभी विकास कार्यों की निगरानी भी करेगा। इसमें सफाई व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, भक्तों के लिए कतार प्रणाली, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग सुविधा, मेडिकल सहायता और सीसीटीवी निगरानी जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंदिर परिसर में आने वाले हर श्रद्धालु को बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित अनुभव मिल सके।

माता भीमेश्वरी मंदिर न सिर्फ बेरी कस्बे की पहचान है, बल्कि हरियाणा और आसपास के राज्यों के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। झज्जर जिले के बेरी कस्बे में स्थित इस मंदिर का इतिहास महभारत कालीन है। माता भीमेश्वरी देवी पांडवों की कुलदेवी माता हिंगलाज भवानी का ही स्वरूप हैं।

कुरुक्षेत्र में हुए महाभारत युद्ध से पहले भगवान कृष्ण ने पाण्डु पुत्र भीम को कुलदेवी मां से विजय श्री का आशीर्वाद लेने के लिए भेजा था। मां भीम के साथ चलने को तो तैयार हो गईं, लेकिन शर्त रखी कि रास्ते में कहीं उतारना नहीं होगा। लेकिन जब भीम बेरी पहुंचे तो उन्हें लघुशंका जाने के लिए कुलदेवी की प्रतिमा को नीचे रख दिया। तभी से माँ भीमेश्वरी देवी यहां विराजमान हैं। मां की पूजा अर्चना का सिलसिला महाभारत काल से ही चला आ रहा है। यहाँ के मंदिर को महाभारत काल में स्थापित किया गया था। पांडवों की कुलदेवी होने से साथ साथ माता भीमेश्वरी देवी बाबा श्याम की भी कुलदेवी हैं। इसलिए माता का आशीर्वाद लेने वाले भगतों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।

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