हरियाणा के हजारों युवाओं को बड़ी राहत! सुप्रीम कोर्ट से ग्रुप-20 भर्ती को हरी झंडी, चयनितों की नौकरी अब पूरी तरह सुरक्षित

Edited By Isha, Updated: 15 Jul, 2026 08:32 AM

major relief for thousands of youths in haryana

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को और ग्रुप 20 भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट सकी से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने एस.एल.पी. (सी) नंबर कहा 17373/2026, सुभेंद्र एंड अदर्स मानत बनाम हरियाणा स्टाफ सिलैक्शन

चंडीगढ़: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को और ग्रुप 20 भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट सकी से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने एस.एल.पी. (सी) नंबर कहा 17373/2026, सुभेंद्र एंड अदर्स मानत बनाम हरियाणा स्टाफ सिलैक्शन कोई कमीशन भ्रू इट्स सैक्रेटरी एंड अदर्स को खारिज कर दिया है। यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 27 मार्च 2026 को पारित कवल समीक्षा निर्णय के विरुद्ध दायर किया राशि गया था।

ज्ञात रहे कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने 27 मार्च 2026 के निर्णय में स्पष्ट रूप से माना था कि 24 ग्रुपों (जिसमें ग्रुप 20 भी शामिल है) की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, चयनित अभ्यर्थी नियुक्त होकर काफी समय से सेवाएं दे रहे हैं तथा उन्हें बिना पक्षकार बनाए उनके चयन को प्रभावित नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट ने कहा था कि सामाजिक आर्थिक अंकों का सौ.ई.टी.-11 के लिए अभ्यर्थियों को बुलाने की मैरिट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा था। इसलिए पूर्व में भर्ती प्रक्रिया और सी.ई.टी. परिणामों को निरस्त करने संबंधी आदेशों में त्रुटि थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य के लिए आयोग को दिए गए दिशा-निर्देश केवल भावी भर्तियों पर लागू होंगे तथा 24 ग्रुपों के चयनित एवं नियुक्त अभ्यर्थी विधि के अनुसार सेवा में बने रहेंगे।  इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों द्वारा उक्त 27 मार्च 2026 के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एस.एल.पी. दायर की गई। याचिका हाईकोर्ट के निर्णय पर रोक लगाने तथा उसे निरस्त करने की मांग की गई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा उक्त एस. एल. पी. को खारिज कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का 27 मार्च 2026 का निर्णय यथावत बना हुआ है।

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला ग्रुप-20 भतों से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों के हित में आया है। उन्होंने कहा कि यह न्याय, सत्य और संघर्ष के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं की मेहनत, धैर्य एवं विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण के दौरान हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से उनके साथ खड़ा रहा तथा प्रत्येक स्तर पर तथ्यों एवं नियमों के आधार पर अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखा। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, विधिक प्रक्रिया तथा चयनित अभ्यर्थियों के अधिकारों पर विश्वास को और सुदृढ़ करता है। चचेयरमैन हिम्मत सिंह ने ग्रुप-20 के सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय उनके लिए बड़ी राहत और खुशी का विषय है।

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