प्रमोटेड पीजीटी शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला, अब खुद चुनना होगा करियर का रास्ता

Edited By Isha, Updated: 23 Jul, 2026 06:03 PM

major decision for promoted pgt teachers

हरियाणा के हजारों प्रमोटेड पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) के सेवा भविष्य को लेकर शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू कर दी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय

चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा के हजारों प्रमोटेड पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) के सेवा भविष्य को लेकर शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू कर दी है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को आदेश जारी कर प्रमोटेड पीजीटी शिक्षकों से उनकी अंतिम पसंद (ऑप्शन) और अंडरटेकिंग लेने के निर्देश दिए हैं। अब प्रत्येक शिक्षक को तय करना होगा कि वह पीजीटी पद पर ही कार्यरत रहना चाहता है या अपने मूल टीजीटी/सीएंडवी कैडर में लौटकर वरिष्ठता के आधार पर हेडमास्टर अथवा एलिमेंट्री स्कूल हेडमास्टर (ईएसएचएम) बनने का विकल्प चुनना चाहता है।विभाग ने साफ कर दिया है कि शिक्षकों द्वारा दिया गया विकल्प अंतिम और बाध्यकारी होगा। एक बार विकल्प देने के बाद उसे भविष्य में किसी भी परिस्थिति में बदला नहीं जा सकेगा।

तीन विकल्पों में से करना होगा चयन
शिक्षा विभाग ने प्रमोटेड पीजीटी शिक्षकों को तीन विकल्प दिए हैं। पहला, यदि कोई शिक्षक पीजीटी पद पर ही सेवा जारी रखना चाहता है तो उसे इसकी लिखित सहमति देनी होगी। ऐसा करने पर वह भविष्य में हेडमास्टर पद पर पदोन्नति का दावा नहीं कर सकेगा और उसकी सेवाएं पीजीटी कैडर में ही मानी जाएंगी।

दूसरा विकल्प उन शिक्षकों के लिए है जो अपने मूल टीजीटी/सीएंडवी पद पर लौटकर वरिष्ठता के आधार पर हेडमास्टर बनना चाहते हैं। इस स्थिति में उन्हें पीजीटी पद छोड़ना होगा और उस पद पर उनका अधिकार समाप्त हो जाएगा।

तीसरे विकल्प के तहत शिक्षक टीजीटी/सीएंडवी कैडर में लौटकर एलिमेंट्री स्कूल हेडमास्टर (ईएसएचएम) के पद पर पदोन्नति का रास्ता चुन सकते हैं। इस विकल्प को अपनाने पर भी पीजीटी पद पर उनका दावा समाप्त माना जाएगा।

30 दिन में देना होगा अंतिम जवाब
निदेशालय ने सभी प्रमोटेड पीजीटी शिक्षकों को नोटिस जारी होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर निर्धारित प्रारूप में अपना विकल्प और अंडरटेकिंग जमा करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई शिक्षक तय समय में अपना विकल्प नहीं देता है तो विभाग स्वतः यह मान लेगा कि वह पीजीटी पद पर ही सेवा जारी रखना चाहता है और उसे पीजीटी कैडर में ही नियमित माना जाएगा। इसके बाद किसी भी प्रकार की आपत्ति या दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

डीईओ को दिए सख्त निर्देश
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिले के प्रत्येक प्रमोटेड पीजीटी शिक्षक तक यह आदेश तत्काल पहुंचाएं और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनके विकल्प प्राप्त करें। विकल्प पत्र की मूल प्रति संबंधित डीडीओ कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी, जबकि दूसरी प्रति जिला शिक्षा अधिकारी के रिकॉर्ड में रहेगी। साथ ही सभी विकल्पों की स्कैन कॉपी सात दिन के भीतर ई-मेल के माध्यम से निदेशालय को भेजनी होगी। विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को 'मोस्ट अर्जेंट' श्रेणी में लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।


 

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