Edited By Isha, Updated: 04 Jan, 2026 11:57 AM

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इन सड़कों को हाईवे की श्रेणी में शामिल कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है। कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू भी किया गया, लेकिन फोरलेन
डेस्क: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इन सड़कों को हाईवे की श्रेणी में शामिल कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है। कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू भी किया गया, लेकिन फोरलेन के लिए आवश्यक चौड़ाई कई हिस्सों में वन विभाग की भूमि पर निर्भर है। नियमों के तहत पीडब्ल्यूडी के माध्यम से एनओसी मांगी गई, लेकिन अब तक वन विभाग से मंजूरी नहीं मिल पाई है।
फोरलेन का काम अटकने से इन मार्गों पर ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना जाम की स्थिति बन रही है, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद और बादली से विधायक कुलदीप वत्स ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि स्वीकृति के बावजूद सड़क निर्माण कार्य अब तक क्यों शुरू नहीं हुआ।
विधायकों ने बताया कि नूंह से बिलासपुर होते हुए दिल्ली–जयपुर हाईवे, गुरुग्राम–पटौदी हाईवे और रेवाड़ी–रोहतक हाईवे नंबर 71 को कुलाना तक जोड़ने वाला मार्ग फोरलेन नहीं हो पा रहा है। इसके चलते बिलासपुर, पटौदी, हेलीमंडी समेत कई क्षेत्रों में भारी जाम की समस्या बनी रहती है।
इसके अलावा नूंह–अलवर, नूंह–होडल–पलवल, हथीन–नूंह, पुन्हाना–होडल मार्ग सहित हिसार और सिरसा के कई मार्ग भी फोरलेन होने बाकी हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह को संबंधित विभागों के साथ बैठक करने की सलाह दी। वन मंत्री ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि अगले सप्ताह अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी अड़चनों को दूर किया जाएगा। राव नरबीर सिंह ने बताया कि वन विभाग, लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल होंगे। अगले दो से तीन दिनों में बैठक की तारीख और स्थान तय कर लिया जाएगा, ताकि फोरलेन परियोजनाओं को जल्द से जल्द आगे बढ़ाया जा सके।