Edited By Isha, Updated: 15 Sep, 2026 02:53 PM

हरियाणा की होनहार बेटी आशा ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक नया और स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। आशा ने महज 6 दिनों के भीतर यूरोप और अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करके अपनी
चंडीगढ़: हरियाणा की होनहार बेटी आशा ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक नया और स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। आशा ने महज 6 दिनों के भीतर यूरोप और अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करके अपनी अदम्य इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से पूरे हरियाणा सहित पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशा ने अपने इस कठिन अभियान के तहत सबसे पहले यूरोप की सबसे ऊंची चोटी 'माउंट एल्ब्रस' पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया। इसके तुरंत बाद बिना रुके और बिना थके उन्होंने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी 'माउंट किलिमंजारो' की चढ़ाई पूरी कर वहां भी भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहरा दिया।
इन दोनों महाद्वीपों के सबसे ऊंचे शिखरों को मात्र 6 दिनों के रिकॉर्ड समय में फतह करना कोई आम बात नहीं है, क्योंकि इसके लिए अत्यधिक शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता की आवश्यकता होती है।
पर्वतारोहण के दौरान कई बार अत्यधिक ठंड, बर्फीली हवाओं और ऑक्सीजन के कम स्तर जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आईं, लेकिन आशा ने अपने बुलंद हौसलों के दम पर हर बाधा को पार कर लिया। उनकी इस सफलता पर खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है। यह उपलब्धि हरियाणा की बेटियों के लिए प्रेरणा का एक नया स्त्रोत बन गई है, जो यह साबित करती है कि कठिन मेहनत और पक्के इरादे से हर मंजिल को हासिल किया जा सकता है।