हरियाणा में सैकड़ों करोड़ रुपए धान घोटाले की जांच CBI से होनी चाहिए: सतपाल कौशिक

Edited By Manisha rana, Updated: 22 Nov, 2025 07:30 AM

haryana paddy scam should be investigated by cbi satpal kaushik

हरियाणा में सैकड़ों करोड रुपए धान घोटाले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए, क्योंकि धान घोटाले के तार प्रदेश के उच्च अधिकारियों व सत्ता में बैठे लोगों से जुड़े हुए हैं।

चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा में सैकड़ों करोड रुपए धान घोटाले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए, क्योंकि धान घोटाले के तार प्रदेश के उच्च अधिकारियों व सत्ता में बैठे लोगों से जुड़े हुए हैं। यह कहना है हरियाणा प्रदेश के किसान नेता सतपाल कौशिक का, उनका मानना है की प्रदेश में जो पारदर्शिता के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा के  पोर्टल की व्यवस्था बिल्कुल फेल हो चुकी है, क्योंकि इस व्यवस्था में प्रतिवर्ष किसान की फसल की स्मगलिंग करने वाले माफिया द्वारा प्रतिवर्ष चाहे वह गेहूं की फसल हो, चाहे धान की चाहे, किसी और की हो सबका बिना फसल के, पोर्टल कर लिया जाता है ।

उसको आढती व सेलर मालिकों को बेच दिया जाता है और उसके उपरांत दूसरे प्रदेशों से धान व अन्य फसलों की उपज मंगा कर उसके के जे फॉर्म काट दिये जाते है, पोर्टल के अनुरूप काट दिए जाते हैं। जिससे प्रतिवर्ष  करोड रुपये का नुकसान हरियाणा के किसान व सरकार को हो रहा है। कौशिक ने कहा कि इस धंधे में करोड़ों रुपए जो ब्लैक मनी के हैं वह नंबर एक के के फॉर्म काटने के उपरांत हो जाते हैं। उन्होंने कहा की जांच के बाद कई दर्जन मुकदमे दर्ज हो चुके हैं ,लेकिन कार्रवाई इतनी धीमी है की कुछ भी होने वाला नहीं है, क्योंकि हरियाणा की पुलिस सत्ता में बैठे लोगों व उच्च अधिकारियों पर हाथ नहीं डाल सकती।

कौशिक ने कहा कि यदि सरकार की नीति और नीयत साफ है और दूध का दूध पानी का पानी जनता के सामने करना चाहती है तो धान घोटाले का मामला जल्दी से जल्दी सीबीआई के हवाले करना चाहिए और जो अधिकारी इस पोर्टल के  धंधे में शामिल है उनको जल्दी से जल्दी गिरफ्तार करना चाहिए। क्योंकि यह देश में एक बहुत बड़ा आपराधिक मामला है। कौशिक ने कहा की धान घोटाले ने सरकार की पोल खोल के रख दी है, मामला तो यह कई वर्षों से चल रहा है लेकिन जब से पोर्टल व्यवस्था बनी है तब से यह मामला ज्यादा बड़ा है ,और सत्ता में बैठे लोगों में सेलर लगाकर किसान व हरियाणा सरकार को हजारों करोड़ों का चूना लगाया है, यदि घोटाले की जांच सरकार सीबीआई को नहीं देती, तो यह साबित हो जाएगा  की धान घोटाले में सरकार की भी पूर्ण रूप से मिली भगत है।

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