Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 31 Oct, 2026 08:36 AM

सर्दी का मौसम शुरू होते ही दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने लगा है। प्रदूषण के स्तर को बेहद खतरनाक स्तर तक जाने से रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से कार्रवाई तेज कर दी गई है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): सर्दी का मौसम शुरू होते ही दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने लगा है। प्रदूषण के स्तर को बेहद खतरनाक स्तर तक जाने से रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से कार्रवाई तेज कर दी गई है। आयोग ने दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण काे नियंत्रित करने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने दिल्ली एनसीआर के जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम करें ताकि दिल्ली एनसीआर का प्रदूषण स्तर को नियंत्रित किया जा सके।
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आयोग के सदस्य सचिव तरुण कुमार द्वारा जारी निर्देशों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष तौर पर 5 से 20 नवंबर तक पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग की मानें तो नवंबर माह के मध्य तक दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक से भी कई अधिक हो जाता है। ऐसे में लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होती है। इसे देखते हुए आयोग की तरफ से इस दौरान प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान को लागू करने के लिए कहा गया है। आयोग ने 5 नवंबर से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया है। इस दौरान आउटडोर कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी नहीं की जाएगी। इसमें रेलवे, मेट्रो, अस्पताल, पानी संबंधित कार्यो को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा पब्लिक प्रोजेक्ट, हाइवे, रोड फ्लाईओवर अंडरपास, पावर ट्रांसमिशन, पाइपलाइन व टेलीकॉम्युनिकेशन पर भी यह निर्देश लागू होंगे।
आयोग ने राज्य सरकार व निजी कार्यालयों को भी अपने कार्यालय में 50 प्रतिशत स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम देने के निर्देश दिए हैं। आयोग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि राज्य सरकार व निजी संस्थान अपने कार्यालयों में 50 प्रतिशत स्टाफ को बुलाएं। यह निर्देश दिल्ली सहित गुड़गांव, फरीदाबाद, ासेनीपत, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर में लागू होंगे। इसके साथ ही अत्यावश्यक सेवाओं के कार्यों में लगे उद्योगों को इससे राहत दी जा सकती है।