Edited By Isha, Updated: 02 Sep, 2026 11:15 AM

बिजली निगम के निलंबित अधीक्षण अभियंता (एसई) गीतू राम तंवर के आत्महत्या मामले में पुलिस ने मंगलवार को निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) समेत 14 लोगों को नामजद कर लिया। जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
करनाल: बिजली निगम के निलंबित अधीक्षण अभियंता (एसई) गीतू राम तंवर के आत्महत्या मामले में पुलिस ने मंगलवार को निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) समेत 14 लोगों को नामजद कर लिया। जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
प्रशासन ने एसई के सेवानिवृत्ति संबंधी भत्तों का 10 दिन में भुगतान किए जाने का आश्वासन भी दिया है। इसके बाद गीतू राम के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस से शव उठा लिया और मौत के 34 घंटे बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इससे पहले पुलिस ने मंगलवार रात गीतू राम की पत्नी प्रीति तंवर की तहरीर पर जो एफआईआर दर्ज की थी उसमें आरोपियों का कॉलम खाली छोड़ दिया था। जबकि सुसाइड नोट में बिजली निगम के 12 अफसरों को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। एफआईआर की कॉपी देख गीतू राम के परिजन भड़क गए थे। उन्होंने शव न उठाने का एलान कर दिया था।
तहरीर के आधार पर आरोपियों के नाम एफआईआर में जोड़े गए हैं। यदि और लोगों की संलिप्तता मिलेगी या परिवार की ओर से नाम दिए जाएंगे तो उन्हें भी आरोपियों में शामिल कर जांच होगी - राजीव कुमार, डीएसपी
मंगलवार सुबह से उनके आवास पर बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे थे। ये लोग आरोपियों की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग कर रहे थे। सबसे ज्यादा गुस्सा आरोपियों का कॉलम खाली होने पर था।
पुलिस ने एफआईआर प्रीति की तहरीर पर नहीं सुसाइड नोट के आधार पर दर्ज कर ली थी। परिजन और दलित समाज के लोगों के जमा होने की जानकारी पर दोपहर में एक-एक करके डीएसपी राजीव, चीनी मिल की प्रबंध निदेशक अदिति और अतिरिक्त उपायुक्त राहुल रईया पहुंचे। डीएसपी ने बताया कि तहरीर में दिए सभी 14 लोगों को नामजद कर लिया है। उन्होंने परिजनों को एफआईआर पढ़कर सुनाई।