पंचकूला में मत्स्य पालन को नई उड़ान, 50 टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज से बढ़ा कारोबार

Edited By Harman, Updated: 09 Sep, 2026 06:36 PM

fisheries in panchkula get a boost business grows with 50 tonne capacity cold s

हरियाणा में मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने की दिशा में पंचकूला जिला नई मिसाल पेश कर रहा है। जिले में प्रगतिशील किसानों और उद्यमियों ने 50 टन क्षमता वाले आधुनिक कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए हैं। इन इकाइयों के शुरू होने से मछली के...

चंडीगढ़ (चंद्र शेखर धरणी) : हरियाणा में मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने की दिशा में पंचकूला जिला नई मिसाल पेश कर रहा है। जिले में प्रगतिशील किसानों और उद्यमियों ने 50 टन क्षमता वाले आधुनिक कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए हैं। इन इकाइयों के शुरू होने से मछली के सुरक्षित भंडारण, परिवहन और विपणन की व्यवस्था को मजबूती मिली है। इसका सीधा लाभ मत्स्य पालकों और मछली कारोबार से जुड़े उद्यमियों को मिल रहा है।

कोल्ड स्टोरेज की सुविधा से मछली को उचित तापमान पर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे खराब होने की संभावना कम होती है और उत्पादकों को बाजार की मांग के अनुसार मछली बेचने का अवसर मिलता है। बेहतर भंडारण व्यवस्था के चलते मछली उत्पादकों को बेहतर कीमत मिलने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।

पीएम मत्स्य संपदा योजना बनी आधार
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य पालन क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग और महिला लाभार्थियों को परियोजनाओं पर 60 प्रतिशत तक तथा सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य केवल मछली उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि उत्पादन से लेकर भंडारण, मूल्य संवर्धन और विपणन तक पूरी श्रृंखला को मजबूत करना है। इसके माध्यम से किसानों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीक अपनाने तथा मत्स्य पालन को स्वरोजगार और व्यवसाय के रूप में विकसित करने के अवसर मिल रहे हैं।

किसानों को प्रशिक्षण के बाद मिली नई राह
पंचकूला जिले में कई किसानों ने मत्स्य पालन विभाग से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कोल्ड स्टोरेज परियोजनाएं स्थापित की हैं। विभाग की ओर से किसानों को योजनाओं, तकनीकी पहलुओं और उपलब्ध अनुदान की जानकारी दी जाती है। निजी और पंचायत तालाबों में मछली पालन के साथ-साथ अब उसके सुरक्षित भंडारण की सुविधा विकसित होने से जिले में मत्स्य कारोबार का दायरा बढ़ रहा है।
गांव करनपुर में अनिल कुमार और रेखा रानी ने 50 टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज स्थापित किया है। योजना की जानकारी इंटरनेट के माध्यम से मिलने के बाद उन्होंने मत्स्य पालन विभाग से संपर्क किया और आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने विभागीय योजना का लाभ लेते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया।

भारतीय सेना को भी पहुंच रही फ्रोजन मछली
पंचकूला में स्थापित कोल्ड स्टोरेज इकाइयों की उपयोगिता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां से भारतीय सेना के लिए भी फ्रोजन मछली की आपूर्ति की जा रही है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, पंचकूला में रिचा सैनी और आशिमा मेहंदीरत्ता ने दो इकाइयां स्थापित की हैं। जानकारी के अनुसार इन इकाइयों के माध्यम से चंडीमंदिर तथा लेह-लद्दाख में भारतीय सेना को करीब 35 से 45 टन फ्रोजन मछली की आपूर्ति की जा रही है। इससे जहां स्थानीय स्तर पर मत्स्य पालन और कोल्ड चेन का नेटवर्क मजबूत हो रहा है, वहीं किसानों और उद्यमियों के लिए बड़े संस्थागत बाजार भी खुल रहे हैं।

पंगास मछली के भंडारण से बढ़ा मुनाफे का अवसर
गांव रत्तेवाली में रीना देवी और प्रेरणा शर्मा ने भी कोल्ड स्टोरेज स्थापित किया है। इन इकाइयों में पंगास मछली का स्टॉक किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार परिवहन खर्च सहित पंगास मछली की लागत करीब 130 रुपये प्रति किलो आती है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 230 से 240 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है। भंडारण की सुविधा उपलब्ध होने से मत्स्य पालकों को तत्काल बिक्री के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। वे बाजार की मांग और कीमत को ध्यान में रखते हुए अपने उत्पाद का विपणन कर सकते हैं। इससे पूरी मूल्य श्रृंखला में किसानों की हिस्सेदारी और आय बढ़ाने की संभावना बनती है।

2020 में शुरू हुई थी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना
मत्स्य विभाग के उप-निदेशक राजन खोड़ा ने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना लागू की थी। योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग और महिला लाभार्थियों के लिए 60 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन के क्षेत्र में आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना, उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाना, सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था विकसित करना तथा किसानों और उद्यमियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। योजना के माध्यम से मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक और व्यवसायिक अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रदेश के लिए बन सकता है मॉडल
पंचकूला में कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं का विस्तार हरियाणा के मत्स्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्पादन के साथ भंडारण, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच की सुविधा मिलने से मत्स्य पालन को पारंपरिक गतिविधि से आगे बढ़ाकर संगठित व्यवसाय का रूप दिया जा सकता है। पंचकूला की ये परियोजनाएं किसानों, महिलाओं और नए उद्यमियों के लिए स्वरोजगार तथा आय बढ़ाने का मॉडल बन सकती हैं।

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