मुझे कार नहीं देंगे, तब तक मैं तुम्हें अपने घर नहीं रखूंगा, दहेज न देने पर विवाहिता की हत्या...पति गिरफ्तार

Edited By Isha, Updated: 05 Nov, 2025 02:49 PM

faridabad married woman murdered for not giving car in dowry

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के ओल्ड फरीदाबाद थाना क्षेत्र के गांव दौलताबाद में दहेज में कार न देने पर एक विवाहिता की मारपीट कर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका की पहचान

फरीदाबाद(अनिल राठी): हरियाणा के फरीदाबाद जिले के ओल्ड फरीदाबाद थाना क्षेत्र के गांव दौलताबाद में दहेज में कार न देने पर एक विवाहिता की मारपीट कर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका की पहचान 24 वर्षीय प्रीती के रूप में हुई है। मृतका की शादी करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी। मायकेवालों ने पति और ससुर समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने आरोपी पति धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

 6 मार्च 2024 को हुई था शादी

मृतका के पिता वीरेंद्र सिंह, निवासी गांव सुरीरकला, मथुरा (उत्तर प्रदेश) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी तीन बेटियां और तीन बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी प्रीती की शादी 6 मार्च 2024 को गांव दौलताबाद निवासी धर्मेंद्र कुमार के साथ की गई थी। धर्मेंद्र एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता है। पिता ने बताया कि उन्होंने बेटी की शादी में अपनी हैसियत से अधिक करीब 10 से 11 लाख रुपये खर्च किए थे। शादी में दान-दहेज भी दिया गया था, लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल वाले प्रीती को कार न देने पर ताने मारते और उसे प्रताड़ित करने लगे।

प्रीती जब शादी के कुछ दिन बाद मायके आयी तो उसने बताया कि उसका पति धर्मेंद्र, जेठ, सास, ससुर और जेठानी मिलकर उसे कम दहेज लाने के लिए मारते-पीटते हैं। पति धर्मेंद्र कहता था कि “जब तक तुम्हारे घरवाले मुझे कार नहीं देंगे, तब तक मैं तुम्हें अपने घर नहीं रखूंगा।”
पिता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि शादी के बाद जब पहली होली का त्योहार आया, तब उनके बेटे सचिन, प्रवेश और चाचा दिनेश बेटी को लिवाने दौलताबाद पहुंचे। लेकिन दामाद धर्मेंद्र ने कहा कि मेरे घर में केवल एक ही आदमी आएगा। इसके बाद प्रवेश घर के अंदर गया और कुछ घंटे बाद प्रीती को लेकर मायके लौट आया। तब प्रीती ने बताया कि उसके पति और ससुराल वालों ने फिर से उसके साथ मारपीट की।

वीरेंद्र सिंह ने आगे बताया कि कुछ समय पहले बेटी प्रीती ने एक बच्ची को जन्म दिया था। तब दामाद धर्मेंद्र ने फोन करके कहा था कि “अगर एक लाख रुपये नहीं दोगे तो प्रीती का ठीक से इलाज नहीं कराऊंगा।” इस पर उन्होंने तत्काल 20 हजार रुपये नकद दौलताबाद जाकर दिए। इसके अलावा कई बार ऑनलाइन पैसे धर्मेंद्र के खाते में ट्रांसफर किए। उन्होंने बताया कि 3 फरवरी को ₹9999, 22 मई को ₹20,000, 6 अक्टूबर को ₹5000 रुपये धर्मेंद्र के खाते में भेजे थे। इसके बावजूद धर्मेंद्र और उसका परिवार दहेज की मांग बढ़ाते रहे।

प्रीति के साथ हुई मारपीट
आरोप है कि 30 अक्टूबर को धर्मेंद्र, ससुर वेदराम, जेठ मानसिंह, सास मोगन देवी और जेठानी सुनीता ने मिलकर प्रीती के साथ मारपीट की। 31 अक्टूबर को जब उनका बेटा बेटी से मिलने गया तो उसने भी देखा कि घर में झगड़ा हुआ है। इसके बाद से प्रीती का फोन बंद हो गया था। वीरेंद्र सिंह ने बताया कि 2 नवंबर की रात करीब तीन बजे उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी की हत्या कर दी गई है। जब वे पहुंचे तो देखा कि प्रीती की मौत हो चुकी थी। उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी को प्रताड़ित कर मार डाला।

 परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
इस मामले में पुलिस ने पति धर्मेंद्र कुमार, ससुर वेदराम, जेठ मानसिंह, सास मोगन देवी और जेठानी सुनीता के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी मदन सिंह ने बताया कि आरोपी पति धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में फांसी लगाने की बात सामने आई है, लेकिन परिजनों की शिकायत को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

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