सावधान! फौजियों की नकली आई.डी. बनाकर ठग रहे हैं साइबर अपराधी

Edited By Isha, Updated: 23 Jul, 2022 10:50 AM

fake id of soldiers cyber criminals are cheating by making

इंटरनैट मीडिया में सक्रिय साइबर शातिर अपराधी साइबर अपराध करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब साइबर अपराधी लोगों से ठगी के लिए फौजी के नाम को हथियार बना रहे हैं।  शातिरों द्वारा खुद को फौजी बताने से लोग उन पर भरोसा करके आसानी से जाल में फंसकर उनकी...

कैथल : इंटरनैट मीडिया में सक्रिय साइबर शातिर अपराधी साइबर अपराध करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब साइबर अपराधी लोगों से ठगी के लिए फौजी के नाम को हथियार बना रहे हैं।  शातिरों द्वारा खुद को फौजी बताने से लोग उन पर भरोसा करके आसानी से जाल में फंसकर उनकी ठगी का शिकार हो रहे हैं।  साइबर अपराध से बचने के लिए पुलिस द्वारा समय समय पर एडवाईजरी जारी की जाती है ताकि आमजन सतर्क व सचेत रहकर अपने पैसे की सुरक्षा कर सके। यह सब कैसे हो रहा है और हमें इससे कैसे बचना है।  विस्तृत जानकारी देते हुए कैथल पुलिस अधीक्षक मकसूद अहमद ने बताया कि फौजी बनकर लोगों को ठगना आजकल आम हो गया है। लोग इनके झांसे में भी आसानी से आ जाते हैं, लेकिन ये जालसाज उनका खाता खाली कर लेते हैं। ज्यादातर ठगी ऑनलाइन खरीदारी को लेकर होती है। इनमें साइबर ठग लोगों का भरोसा जीतने के लिए सेना की वर्दी में फोटो और आई.डी. कार्ड तक भेज देते हैं।

एस.पी. ने बताया कि ओ.एल.एक्स. फेसबुक या अन्य साइट्स, एप्प पर हम अक्सर कम दाम में अच्छा सामान लेने के लालच में आ जाते हैं अगर कोई अच्छा सामान कम दाम में दिखे और बेचने वाला फोर्स में है तो ऐसे में विश्वास बन जाता है। वह शिकार को किसी आर्मी या दूसरी फोर्स के जवान की आई.डी. तक भेज देता है। इसके बाद कैंपस से निकलने के नाम पर फीस और अडवांस पेमैंट वगेरा नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं। जब तक पीड़ित को ठगी का अहसास होता है। वह लाखों रुपए गंवा चुका होता हैं। पुराना मोबाइल, सोफा, बाइक ओ.एल.एक्स. पर खरीदने-बेचने की सुविधा है, लेकिन ठग इसका फायदा उठा रहे हैं।

 ओ.एल.एक्स., फेसबुक या किसी अन्य साइट्स एप्प पर फौजी की फर्जी प्रोफाइल बनाकर वे लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग डील करने वाले शख्स को ई-वॉलेट में रकम ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं, लेकिन इससे पहले वह खुद के अकाऊंट से एक रुपया ट्रांसफर करते हैं ताकि वह सामने वाले का विश्वास जीत सके। उसके बाद ही ठग रुपए ट्रांसफर कराने के लिए लिंक शेयर करते हैं।

 इस लिंक पर क्लिक करने के बाद लोगों के खातों से रुपए उड़ा लेते हैं। ऐसे अपराधों से कैसा बचा जा सकता है।  एस.पी. ने कहा कि ऐसी किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी के शिकार होने पर घबराइए नहीं, संकोच मत कीजिए। ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर अपनी शिकायत 1930 पर जरूर दर्ज करवाएं।  प्रत्येक जिला में साईबर थाने खुल चुके हैं। अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए संबंधित थाने, साइबर सेल में संपर्क करें।
 

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