Edited By Isha, Updated: 02 Sep, 2026 12:56 PM

राज्य सूचना आयोग ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने में लंबे समय तक देरी के दो अलग-अलग मामलों में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के तत्कालीन जन सूचना अधिकारी आरएस बाठ और गुरुग्राम
चंडीगढ़: राज्य सूचना आयोग ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने में लंबे समय तक देरी के दो अलग-अलग मामलों में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के तत्कालीन जन सूचना अधिकारी आरएस बाठ और गुरुग्राम के कादीपुर के तत्कालीन तहसीलदार सतीश कुमार पर कुल 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
सूचना आयुक्त डॉ. अजय कुमार सूरा ने दोनों अधिकारियों पर अलग अलग मामलों में 25-25 हजार रुपये का दंड लगाया है। पहला मामला भारत जैन की चार जनवरी 2022 की अर्जी से जुड़ा है। आयोग के निर्देश के बावजूद पूरी और बिंदुवार जानकारी समय पर नहीं दी गई।
आरएस बाठ हरियाणा के गुरुग्राम में कार्यरत प्रमुख नगर योजनाकार और प्रवर्तन अधिकारी (डीटीपी) हैं। बाठ आयोग के सामने भी कई बार उपस्थित नहीं हुए। आयोग ने कहा कि विभागीय वेबसाइट का हवाला देकर मांगी गई विशिष्ट जानकारी देने से इनकार नहीं किया जा सकता। अधिकारी को प्रशिक्षण दिलाने की भी सिफारिश की गई है।
दूसरा मामला हरिंदर ढींगरा की सात नवंबर 2022 की अर्जी से जुड़ा है। कादीपुर तहसील कार्यालय ने 30 दिन में पूरी जानकारी नहीं दी और 10 मई 2023 का जवाब भी अधूरा था। आयोग के हस्तक्षेप के बाद 21 अगस्त 2026 को पूरी सूचना दी गई।
आयोग ने पाया कि वेबसाइट पर सूचना उपलब्ध होने का दावा भी सही नहीं था। डॉ. सूरा ने दोनों मामलों में स्पष्ट किया कि बाद में सूचना उपलब्ध करा देने से पहले हुई देरी और लापरवाही की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती है।