हरियाणा में पहली बार क्रिकेट से नशे के खिलाफ बड़ा अभियान, 50 हजार खिलाड़ियों को जोड़ने का लक्ष्य; तरुण भंडारी ने संभाली कमान

Edited By Harman, Updated: 02 Sep, 2026 10:57 AM

major anti drug campaign through cricket launched for the first time in haryana

हरियाणा में युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से पहली बार इतने बड़े स्तर पर क्रिकेट को सामाजिक अभियान से जोड़ने की तैयारी है।

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा में युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से पहली बार इतने बड़े स्तर पर क्रिकेट को सामाजिक अभियान से जोड़ने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में प्रस्तावित नमो क्रिकेट लीग-2026 को प्रदेशभर में व्यापक रूप देने की कवायद शुरू हो गई है। इस अभियान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी प्रमुख भूमिका में नजर आ रहे हैं।

लीग के माध्यम से प्रदेश के गली-मोहल्लों, गांवों और स्थानीय मैदानों में क्रिकेट खेलने वाले युवाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजकों के मुताबिक 3200 से अधिक टीमों और करीब 50 हजार खिलाड़ियों को इससे जोड़ने की योजना है। खिलाड़ियों के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की नकद पुरस्कार राशि भी रखी जाएगी। ऐसे में यह आयोजन केवल क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने वाले व्यापक अभियान के रूप में आकार लेता दिखाई दे रहा है।

तरुण भंडारी के नेतृत्व में खेल और सामाजिक संदेश का मेल

नमो क्रिकेट लीग की तैयारियों में तरुण भंडारी की सक्रिय भूमिका इसे राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बना रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सचिव के रूप में संगठन और सरकार के स्तर पर लगातार सक्रिय रहने वाले भंडारी इस आयोजन के जरिए युवाओं के बीच खेल आधारित सकारात्मक माहौल तैयार करने पर जोर दे रहे हैं।

तरुण भंडारी का कहना है कि आज के दौर में युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे अनुशासन, मेहनत, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। यही कारण है कि नमो क्रिकेट लीग को केवल मैचों की श्रृंखला तक सीमित न रखकर इसे सामाजिक जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। भंडारी की राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए इस आयोजन को युवाओं के बीच व्यापक संपर्क अभियान के तौर पर भी देखा जा रहा है। वह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के भी करीबी माने जाते हैं। ऐसे में आयोजन को राजनीतिक नेतृत्व और संगठनात्मक स्तर पर व्यापक समर्थन मिलने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

3200 से ज्यादा टीमें, 50 हजार खिलाड़ियों का लक्ष्य

नमो क्रिकेट लीग-2026 का सबसे बड़ा आकर्षण इसका व्यापक दायरा होगा। आयोजकों ने प्रदेशभर से 3200 से अधिक क्रिकेट टीमों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा करीब 50 हजार खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है। इसका उद्देश्य केवल बड़े शहरों या स्थापित क्रिकेट क्लबों तक प्रतियोगिता को सीमित रखना नहीं है। हरियाणा के छोटे शहरों, कस्बों, गांवों और स्थानीय मैदानों में खेलने वाले खिलाड़ियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इससे उन युवाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा, जिनके पास प्रतिभा तो है, लेकिन बड़े खेल मंचों तक पहुंच नहीं बन पाती। आयोजकों का मानना है कि प्रदेश के ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में क्रिकेट को लेकर जबरदस्त उत्साह है। स्थानीय स्तर पर अनेक प्रतिभाएं नियमित रूप से क्रिकेट खेल रही हैं। यदि उन्हें प्रतिस्पर्धी मंच और उचित प्रोत्साहन मिले तो उनमें से कई खिलाड़ी आगे चलकर उच्च स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

एक करोड़ रुपये से अधिक की नकद इनामी राशि

लीग में खिलाड़ियों और टीमों के उत्साह को बढ़ाने के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की नकद पुरस्कार राशि प्रस्तावित है। शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और टीमों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि खेल प्रतिभाओं को मंच देने के साथ पुरस्कार युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेंगे। जब किसी स्थानीय खिलाड़ी को अपनी मेहनत का प्रत्यक्ष परिणाम मिलता है तो उसके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है। यही आत्मविश्वास उसे लगातार बेहतर प्रदर्शन करने और गलत संगत से दूर रहने के लिए प्रेरित कर सकता है। इस लिहाज से लीग का मकसद केवल विजेता और उपविजेता तैयार करना नहीं, बल्कि खेल को युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव के माध्यम के रूप में स्थापित करना है।

क्रिकेट के मैदान से उठेगी नशे के खिलाफ आवाज

नमो क्रिकेट लीग का सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक पक्ष नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान होगा। आयोजकों की योजना है कि प्रतियोगिता के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाए। तरुण भंडारी के मुताबिक युवाओं को केवल नशे के नुकसान बताना पर्याप्त नहीं है। उन्हें अपनी ऊर्जा लगाने के लिए सकारात्मक विकल्प भी उपलब्ध कराने होंगे। खेल ऐसा ही एक प्रभावी विकल्प है, जहां युवा अपनी प्रतिभा, समय और ऊर्जा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी सोच के तहत लीग में ‘खेलो और आगे बढ़ो’ के संदेश को प्रमुखता देने की तैयारी है। क्रिकेट के मैदान को नशे के खिलाफ सामाजिक संदेश का माध्यम बनाया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि युवाओं तक खेल के माध्यम से पहुंचने वाला संदेश अधिक प्रभावी और सहज हो सकता है।

मनोहर लाल की प्रेरणा से मिला व्यापक स्वरूप

आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की प्रेरणा से नमो क्रिकेट लीग को व्यापक स्वरूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है। मनोहर लाल के साथ तरुण भंडारी के लंबे राजनीतिक जुड़ाव और करीबी संबंधों को भी आयोजन के विस्तार के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, युवाओं को फिट रहने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया है। नमो क्रिकेट लीग-2026 को इसी सोच के साथ जोड़कर युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने पर जोर

लीग की एक अन्य विशेषता यह होगी कि खिलाड़ियों का चयन केवल नामी क्रिकेटरों या बड़े क्लबों तक सीमित नहीं रहेगा। स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलने वाले युवाओं को भी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। हरियाणा में क्रिकेट के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान को देखते हुए यह पहल खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे अनेक खिलाड़ी हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त मंच नहीं मिल पाता। नमो क्रिकेट लीग ऐसे खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्पर्धा का बड़ा अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम मानी जा रही है।

राजनीतिक सचिव के रूप में तरुण भंडारी की नई भूमिका

मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी की सक्रियता इस आयोजन को खास राजनीतिक महत्व भी देती है। सरकार और संगठन के बीच समन्वय की भूमिका निभाने वाले भंडारी अब युवाओं के बीच खेल और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियान को आगे बढ़ाते दिखाई दे रहे हैं। हरियाणा की राजनीति में युवा मतदाताओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में हजारों टीमों और लाखों युवाओं तक खेल के माध्यम से पहुंच बनाने वाला अभियान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर प्रभाव छोड़ सकता है। हालांकि आयोजकों का जोर इसे राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय युवाओं और खेल प्रतिभाओं से जुड़े अभियान के रूप में प्रस्तुत करने पर है। कुल मिलाकर नमो क्रिकेट लीग-2026 हरियाणा में क्रिकेट को सामाजिक जागरूकता के साथ जोड़ने की एक बड़े स्तर की पहल बनने जा रही है। तरुण भंडारी के नेतृत्व में प्रस्तावित यह अभियान यदि 3200 से अधिक टीमों और करीब 50 हजार खिलाड़ियों को मैदान तक लाने में सफल होता है तो यह प्रदेश में खेल आधारित युवा सहभागिता का एक नया मॉडल भी बन सकता है।
 

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