बदले की आग... 75 गज जमीन के लिए गांव पाई में 13 साल बाद फिर डबल मर्डर, खूनी रंजिश अब भी बरकरार

Edited By Manisha rana, Updated: 20 Dec, 2025 02:34 PM

double murder in kaithal over land dispute after 13 years

कैथल के गांव पाई में महज 75 गज जमीन को लेकर 13 साल बाद बदले की आग ने 4 घरों को उजाड़ दिया। दोनों पक्ष गांव में एक ही कुनबे के हैं। एक पक्ष राजेंद्र के परिवार व भान्ना का है, जिनकी शुक्रवार को हत्या हुई। दूसरा पक्ष फिक्कर और राजा का है, जिनके परिवार...

कैथल (जयपाल रसूलपुर) : कैथल के गांव पाई में महज 75 गज जमीन को लेकर 13 साल बाद बदले की आग ने 4 घरों को उजाड़ दिया। दोनों पक्ष गांव में एक ही कुनबे के हैं। एक पक्ष राजेंद्र के परिवार व भान्ना का है, जिनकी शुक्रवार को हत्या हुई। दूसरा पक्ष फिक्कर और राजा का है, जिनके परिवार पर हत्या का आरोप है। 

बताया जा रहा है कि साल 2012 में फिक्कर और राजा की भी हत्या हो चुकी है। इस खूनी रंजिश की जड़ गांव के बीच करीब 70 गज में बनी पुस्तैनी हवेली है, जो अब खंडहर बन चुकी है। शुरुआत में हवेली में राजेंद्र का परिवार रहता था, बाद में उन्होंने गांव के बाहर मकान बना लिए। साल 2002 में फिक्कर और राजा के परिवार ने हवेली पर कब्जा कर लिया। इसको लेकर कई बार पंचायतें और कहासुनी हुई। साल 2010 की पंचायत में राजेंद्र का परिवार इस शर्त पर मान गया कि हवेली बसने के लिए दे दी जाएगी, लेकिन इसे कभी बेचा नहीं जाएगा। दोनों पक्ष सहमत हो गए। 

साल 2011 में फिक्कर और राजा पक्ष ने हवेली को 9 लाख रुपए में बेचने का सौदा किया। इससे विवाद बढ़ा और 25 अगस्त 2012 को इसी जगह फिक्कर व राजा की गंडासियों व कस्सी से हत्या कर दी गई। इसमें राजेंद्र समेत 15 से अधिक लोगों पर केस दर्ज हुआ। इनमें से कई जेल काट रहे हैं तो कई बेल पर हैं। राजेंद्र भी जमानत पर बाहर आया था। इसी रंजिश में 13 साल बाद फिर डबल मर्डर का बदला डबल मर्डर से लिया गया। फिक्कर व राजा सगे भाई थे, राजेंद्र परिवार के नाते से उनका भाई लगता था और भान्ना राम चाचा। आरोपियों ने 40 राजेंद्र की गांव जटहेड़ी के पास गोलियों से भूनकर हत्या की गई तो 78 वर्षीय भान्ना राम की गांव की गली में दिनदहाड़े छाती पर गोलियां बरसाकर मार डाला था।

भान्ना राम के पास केवल 3 बेटियां, पत्नी बोलीं- उसका तो कोई कसूर भी नहीं था

 78 वर्षीय मृतक भान्ना राम के पास कोई बेटा नहीं है। केवल 3 बेटियां है। तीनों विवाहित है। घर में वह उसकी बुजुर्ग पत्नी के साथ रहता था और खेती करता था। मृतक की पत्नी ने बताया कि उसका तो कोई कसूर भी नहीं था। पहले हुई हत्याओं में भी वह नहीं था। पुलिस ने भी उसका नाम केस से हटा दिया था। शुक्रवार को अमावस्या थी। खेत में पितरों का जलाभिषेक करने के लिए गया था। घर पहुंचने से पहले महज 50 मीटर दूर उसको गोलियों से भून दिया। पूरा घर खाली हो गया। अब हमारा कोई नहीं बचा। सुबह घर से निकलते समय कहकर गया था कि मैं थोड़ी देर में आता हूं, चाय बनाकर रखना। रोते हुए बोली.. पूरे गांव से पूछ लो वह कभी किसी पार्टी बाजी में शामिल नहीं हुआ। वहीं मृतक राजेंद्र के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं। राजेंद्र की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार बेहोश हो रही थी।

वहीं पुलिस हर मामले की बारीकी से जांच कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आस-पास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया है। आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान हो गई है। 

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