Edited By Isha, Updated: 14 May, 2026 01:50 PM

आपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले हीरो डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह फोगाट (38) को देश ने खो दिया। आपरेशन के दौरान ही वो बीमार हुए थे और मुंबई के टाटा अस्पताल में पिछले करीब छह माह तक
चरखी दादरी: आपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले हीरो डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह फोगाट (38) को देश ने खो दिया। आपरेशन के दौरान ही वो बीमार हुए थे और मुंबई के टाटा अस्पताल में पिछले करीब छह माह तक भर्ती रहने के बाद मंगलवार देर रात अंतिम सांस ली। उनकी पार्थिव देह बुधवार दोपहर पैतृक गांव मकड़ाना पहुंची और शाम को गांव में ही सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई।
डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह फोगाट के इस अदम्य साहस के लिए उन्हें डायरेक्टर जरनल की डिस्क से सम्मानित किया गया था। डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह के पिता पारस सिंह फोगाट नेवी से रिटायर्ड आनरेरी कैप्टन हैं। वहीं, उनका साला सरबजीत सिंह छिल्लर सेना में कर्नल हैं। उनक दो बच्चे है जबकि पत्नी प्रियंका गृहिणी हैं। फोगाट ने सीआइएसएफ में कमीशन प्राप्त किया था।
रिटायर्ड कप्तान दिलबाग सिंह ने बताया कि मनोहर सिंह फोगाट एनएसजी कमांडो के गोल्ड मेडलिस्ट थे। नवंबर 2025 में आपरेशन सिंदूर के दौरान वो उरी में बार्डर पर ही तैनात थे। उनकी टीम ने ने उस दौरान ना केवल हाइड्रो पावर प्लांट पर पाकिस्तान द्वारा ड्रोन से किए गए हमलों को नाकाम किया, बल्कि रेस्क्यू कर 250 नागरिकों को भी बचाया।
उनके इस अदम्य साहस के लिए उन्हें डायरेक्टर जरनल की डिस्क से सम्मानित किया गया। रिटायर्ड कप्तान दिलबाग सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह देश ने अपने बहादुर बेटे को खो दिया। डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह के पिता पारस सिंह फोगाट सेना से मेजर रिटायर्ड हैं। वहीं, उनका साला सरबजीत सिंह छिल्लर सेना में कर्नल हैं।