Edited By Krishan Rana, Updated: 10 Jun, 2026 08:40 PM

हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद प्रदेशभर में चल रहा नर्सिंग स्टाफ
कुरुक्षेत्र (रणदीप रोड) : हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद प्रदेशभर में चल रहा नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन और धरना समाप्त कर दिया गया है। हरियाणा स्टाफ नर्स एसोसिएशन ने घोषणा की है कि उनकी प्रमुख मांग पूरी होने के बाद वे अपनी हड़ताल वापस ले रहे हैं और अब स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
हालांकि, जिस महिला स्टाफ नर्स को कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में निरीक्षण के दौरान रेणु भाटिया ने फटकार लगाई थी, उन्होंने इस मामले में अपनी नाराजगी बरकरार रखी है। संबंधित स्टाफ नर्स अनिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केवल इस्तीफा देना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। उनके अनुसार रेणु भाटिया ने अपनी टिप्पणी से न केवल उनका बल्कि पूरे नर्सिंग कैडर का अपमान किया है, इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
अनिता ने कहा कि उनके घर में बेटी नहीं है, लेकिन अस्पताल में भर्ती प्रत्येक महिला मरीज और विशेष रूप से दुष्कर्म पीड़िता उनके लिए बेटी के समान है। उन्होंने कहा कि जिस पीड़िता के संबंध में यह विवादित टिप्पणी की गई थी, उसकी देखभाल करना उनकी पेशेवर और मानवीय जिम्मेदारी थी। ऐसे में नर्सिंग स्टाफ की संवेदनशीलता और कार्यशैली पर सवाल उठाना उचित नहीं था।
हालांकि एसोसिएशन ने अपना धरना और हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है, लेकिन कई नर्सिंग कर्मियों और संगठनों का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए। ऐसे में इस्तीफे के बाद भी यह विवाद पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आ रहा है और रेणु भाटिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग लगातार उठ रही है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 29 मई को एक 15 वर्षीय किशोरी ने आरोप लगाया कि अस्पताल के एक डॉक्टर (डॉ. शैली) ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया अस्पताल पहुंचीं और मामले की जांच की।

एलएनजेपी अस्पताल के निरीक्षण के दौरान रेणु भाटिया की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। निरीक्षण के दौरान रेणु भाटिया ने ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ और अधिकारियों से सवाल पूछते हुए कहा था कि:"अगर आपकी अपनी बेटी होती तो क्या आप उसे 15 मिनट तक किसी पुरुष डॉक्टर के पास अकेला छोड़ देतीं?"उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि: पीड़िता को अकेला क्यों छोड़ा गया?जब ओपीडी में नर्सिंग स्टाफ मौजूद था तो घटना कैसे हुई?आरोपी डॉक्टर की गतिविधियों पर पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया?डॉक्टर की नियुक्ति किस आधार पर की गई थी?
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि रेणु भाटिया के बयान से ऐसा संदेश गया कि पूरी जिम्मेदारी नर्सों की थी। बिना जांच पूरी हुए पूरे नर्सिंग कैडर की कार्यशैली और निष्ठा पर सवाल उठाए गए। इससे नर्सों की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंची है। नर्सों का दावा है कि वे पीड़िता को न्याय दिलाने के पक्ष में हैं, लेकिन उन्हें "बलि का बकरा" नहीं बनाया जाना चाहिए।
चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने अपने पद से दिया इस्तीफा
वहीं हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पद छोड़ने से ठीक पहले उनका एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे भावुक नजर आईं और उन्होंने हरियाणा की सभी बेटियों को अपना आशीर्वाद व दुआएं दीं। रेणु भाटिया ने अपने विवादित बयान को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच स्पष्ट कर दिया है कि वह माफी नहीं मांगेंगी। उन्होंने कहा कि बेटियों की अस्मत और सुरक्षा के लिए यदि किसी पद की कुर्बानी भी देनी पड़े तो वह बड़ी बात नहीं है।
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