Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 30 Jun, 2026 08:24 PM

जालसाजों ने एक ऑटो इंजीनियरिंग कंपनी के वेंडर का ईमेल अकाउंट हैक करके कंपनी को झांसे में लिया और 15 लाख 36 हजार अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। घटना का खुलासा तब हुआ जब असली वेंडर ने कंपनी से भुगतान न मिलने की बात कही। शिकायत के बाद मानेसर...
गुड़गांव, (ब्यूरो): जालसाजों ने एक ऑटो इंजीनियरिंग कंपनी के वेंडर का ईमेल अकाउंट हैक करके कंपनी को झांसे में लिया और 15 लाख 36 हजार अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। घटना का खुलासा तब हुआ जब असली वेंडर ने कंपनी से भुगतान न मिलने की बात कही। शिकायत के बाद मानेसर साइबर अपराध थाना पुलिस ने जांच के बाद केस दर्ज कर लिया है।
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पुलिस के मुताबिक, नागाटा ऑटो इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहायक मैनेजर रंजित कुमार कलवार ने बताया कि उनकी कंपनी का हेड ऑफिस आईएमटी मानेसर के सेक्टर-तीन में स्थित है। कंपनी का व्यापारिक लेन-देन बीएस टेक ऑटो इंडस्ट्रीज नामक वेंडर के साथ चलता है। 12 मई 2026 को कंपनी को अपने वेंडर की आधिकारिक ईमेल आईडी ramesh.kumar@radiantengineerings.co.in से एक प्रोफार्मा इनवॉइस के तहत एडवांस भुगतान करने का ई-मेल प्राप्त हुआ। इसके ठीक अगले दिन यानी 13 मई को उसी ईमेल आईडी से एक और मेल आया, जिसमें कहा गया कि वेंडर का बैंक खाता बदल गया है। नए ईमेल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक नया खाता नंबर दिया गया और उसी में भुगतान करने का अनुरोध किया गया।
ईमेल को पूरी तरह असली मानते हुए कंपनी के फाइनेंस विभाग ने जापान के बैंक खाते से 15 लाख 36 हजार 300 की राशि ठगों द्वारा दिए गए एसबीआई के खाते में ट्रांसफर कर दी। जब अगले दिन असली वेंडर ने भुगतान के लिए संपर्क किया, तब कंपनी के होश उड़ गए। वेंडर ने साफ किया कि उन्होंने बैंक खाता बदलने का कोई ईमेल नहीं भेजा था और न ही उन्हें कोई पैसा मिला है। तकनीकी जांच में पता चला कि वेंडर का पुराना पंजीकृत खाता एचडीएफसी बैंक में था, जबकि पैसे धोखे से एसबीआई के फर्जी खाते में भिजवाए गए थे। जांच अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। बैंक खाते की जानकारी जुटाई जा रही है,जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार किया जाएगा।