हरियाणा के IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई, 2 बैंक अधिकारियों को किया गिरफ्तार

Edited By Krishan Rana, Updated: 30 Jun, 2026 07:12 PM

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केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने 504 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फंड गबन मामले में

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी):  केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने 504 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फंड गबन मामले में 2 बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमीम डार, तत्कालीन एरिया हेड आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, और चरणजीत सिंह रंधावा, तत्कालीन ब्रांच मैनेजर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, मोहाली ब्रांच के रूप में हुई है।

सीबीआई के अनुसार, यह मामला हरियाणा सरकार के विभागों के फंड की हेराफेरी से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी विभागों के सरप्लस फंड को अनियमित तरीके से फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश दिखाकर और इस मकसद से खोले गए बैंक खातों के जरिए फर्जी लेन-देन कर सार्वजनिक धन को डायवर्ट किया गया।

जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने बैंक अधिकारी के तौर पर अपने-अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक खाते खुलवाने और फर्जी लेन-देन को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। सीबीआई ने जांच के दौरान दोनों के खिलाफ आपत्तिजनक सबूत जुटाए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जा रहा है।

सीबीआई ने यह जांच हरियाणा सरकार के अनुरोध पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा से अपने हाथ में ली थी। आरोप है कि यह घोटाला चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा में हुआ। इस मामले में हरियाणा सरकार के 8 विभागों के करीब 504 करोड़ रुपए फर्जी या गैर-मौजूद फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट्स के जरिए शेल कंपनियों में भेजे गए।

इस हरियाणा मामले में अब तक सीबीआई 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 लोक सेवक, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।

सीबीआई ने चंडीगढ़ यूनियन टेरिटरी से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है। इनमें एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और चंडीगढ़ नगर निगम से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला क्रेस्ट चंडीगढ़ से जुड़ा है।

इन दोनों मामलों में भी सीबीआई की ओर से एक-एक चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। सीएससीएल मामले में सीबीआई ने 5 बैंकर्स, 1 सीएससीएल अधिकारी और 1 निजी व्यक्ति को चार्जशीट किया है। वहीं क्रेस्ट चंडीगढ़  मामले में 5 बैंकर्स, 2 क्रेस्ट अधिकारी, 4 निजी व्यक्ति और 2 कंपनियों को चार्जशीट किया गया है।

सीबीआई का कहना है कि सार्वजनिक धन के गबन में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। एजेंसी ने कहा कि गबन किए गए सार्वजनिक धन के पूरे ट्रेल का पता लगाने के लिए जांच जारी है।  

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