कांग्रेस के सियासी किलों में सेंधमारी का BJP ने बनाया मेगा प्लान, रोहतक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, फरीदाबाद में धर्मेंद्र प्रधान और करनाल में अमित शाह संभालेंगे मोर्चा

Edited By Harman, Updated: 31 Oct, 2026 09:11 AM

bjp devises a mega plan to breach congress s political strongholds

हरियाणा की राजनीति में भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ एक नई सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इस बार पार्टी का हथियार जनसभाओं के बजाय पदयात्राएं होंगी और निशाने पर कांग्रेस के वे राजनीतिक गढ़ होंगे, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और...

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा की राजनीति में भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ एक नई सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इस बार पार्टी का हथियार जनसभाओं के बजाय पदयात्राएं होंगी और निशाने पर कांग्रेस के वे राजनीतिक गढ़ होंगे, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके समर्थक प्रदेश की राजनीति को दिशा देते रहे हैं। भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत प्रदेश की सभी 10 लोकसभा सीटों को ध्यान में रखते हुए व्यापक रणनीति तैयार की है। इस अभियान के जरिए पार्टी एक तरफ कांग्रेस के वोट चोरी और एसआईआर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देगी, वहीं दूसरी तरफ अपने संगठन की ताकत और राजनीतिक पहुंच का प्रदर्शन भी करेगी।

 इस रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अभियान की शुरुआत के लिए रोहतक का चयन है। हरियाणा दिवस यानी एक नवंबर को रोहतक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पदयात्रा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता भी उनके साथ रहेंगे। रोहतक लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का संसदीय क्षेत्र है और इसे हुड्डा परिवार का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। ऐसे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में यहां पदयात्रा निकालना केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कांग्रेस के प्रभाव क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता दर्ज कराने का प्रयास भी है। 

इसके बाद पांच नवंबर को करनाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। करनाल लोकसभा क्षेत्र केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का संसदीय क्षेत्र है। अमित शाह की मौजूदगी इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय राजनीतिक महत्व देने के साथ हरियाणा में भाजपा के अभियान को नई धार देगी। पार्टी ने इन कार्यक्रमों के लिए संगठनात्मक तैयारियां भी तेज कर दी हैं। 

अमित शाह का करनाल से अंबाला तक सियासी संदेश

पांच नवंबर का कार्यक्रम केवल करनाल की पदयात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। अमित शाह इसी दिन अंबाला छावनी में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की स्मृति में तैयार शहीदी स्मारक का लोकार्पण करेंगे और गांधी मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के आयोजक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री अनिल विज हैं।

करीब तीन दशक से अनिल विज का सपना रहे इस शहीदी स्मारक को जनता को समर्पित करना अंबाला के राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित करेगा। भाजपा पदयात्राओं के माध्यम से जहां लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाएगी, वहीं अंबाला में शहीदों की विरासत और राष्ट्रवादी विचारधारा को राजनीतिक संवाद का हिस्सा बनाएगी। इस प्रकार करनाल से अंबाला तक अमित शाह की मौजूदगी पार्टी के लिए दो अलग-अलग लेकिन महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश देने का अवसर होगी। 

एसआईआर पर कांग्रेस को जवाब देने की तैयारी

भाजपा के इस अभियान का दूसरा बड़ा मकसद कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चल रही राजनीतिक बहस का जवाब देना है। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और गिरफ्तारी तक की मांग उठाई गई है।
इसके जवाब में भाजपा जनता के बीच जाकर मतदाता सूचियों की शुद्धता, चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता का पक्ष रखेगी। भाजपा का कहना है कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भ्रम पैदा करने वाली राजनीति का तथ्यात्मक जवाब देना जरूरी है। प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के अनुसार, पदयात्राओं का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनविश्वास मजबूत करना और एसआईआर को लेकर जनता तक सही जानकारी पहुंचाना है।

पांच-पांच सीटों का मुकाबला, दोनों दलों की प्रतिष्ठा दांव पर

हरियाणा की दस लोकसभा सीटों में 2024 के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने पांच-पांच सीटें जीती थीं। कांग्रेस के पास रोहतक, सोनीपत, हिसार, सिरसा और अंबाला हैं, जबकि भाजपा के पास करनाल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीटें हैं। यही राजनीतिक स्थिति भाजपा की रणनीति को महत्वपूर्ण बनाती है। पार्टी अपने मजबूत क्षेत्रों में संगठनात्मक आधार को और मजबूत करना चाहती है, वहीं कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। रोहतक से अभियान की शुरुआत का राजनीतिक संदेश भी इसी रणनीति का हिस्सा है। हुड्डा परिवार के प्रभाव वाले क्षेत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष की पदयात्रा के जरिए भाजपा यह दिखाना चाहती है कि वह कांग्रेस के पारंपरिक राजनीतिक क्षेत्रों में भी सक्रिय मुकाबले के लिए तैयार है।

एक नवंबर से शुरू होने वाले प्रमुख पदयात्रा कार्यक्रमों के बाद दीपावली के पश्चात प्रदेश के बाकी लोकसभा क्षेत्रों में भी अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। पार्टी की कोशिश है कि यह कार्यक्रम केवल कुछ बड़े नेताओं की मौजूदगी तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करे। दरअसल, भाजपा का यह अभियान हरियाणा में आगामी राजनीतिक चुनौतियों से पहले संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है। रोहतक में नितिन नबीन, फरीदाबाद में धर्मेंद्र प्रधान और करनाल में अमित शाह की मौजूदगी से पार्टी ने अपने अभियान को राष्ट्रीय नेतृत्व से जोड़ दिया है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि पदयात्राओं के जरिए भाजपा कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कितना राजनीतिक संवाद स्थापित कर पाती है और एसआईआर के मुद्दे पर जनता के बीच अपनी बात किस तरह पहुंचाती है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!