बिश्नोई चाहता था कांग्रेस उसे निकाले, लेकिन कांग्रेस बड़े सूझबूझ की पार्टी :गोगी

Edited By Isha, Updated: 03 Aug, 2022 03:13 PM

bishnoi wanted congress to expel him but congress party of great wisdom

कांग्रेसी विधायक शमशेर सिंह गोगी ने चौ बिरेंदर सिंह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अभी वह आराम कर रहे हैं, जब वह उठकर चलेंगे तो मेरे हिसाब से कांग्रेस में ही उन्हें आना पड़ेगा। कांग्रेस के अलावा कोई और रास्ता नहीं है। उन्होंने कुलदीप बिश्नोई पर भी...

चंडीगढ़( चंद्रशेखर धरणी): कांग्रेसी विधायक शमशेर सिंह गोगी ने चौ बिरेंदर सिंह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अभी वह आराम कर रहे हैं, जब वह उठकर चलेंगे तो मेरे हिसाब से कांग्रेस में ही उन्हें आना पड़ेगा। कांग्रेस के अलावा कोई और रास्ता नहीं है। उन्होंने कुलदीप बिश्नोई पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस कांग्रेस को कुलदीप बिश्नोई ठोकर मार कर गया है, उसका भविष्य मात्र कांग्रेस में था। भाजपा में उनका राजनीतिक भविष्य नहीं हो सकता। गोगी ने कहा कि कांग्रेस से तो बिश्नोई 2 महीने पहले ही चला गया था। अब वह बतौर विधायक सदस्यता से भी रिजाइन लेगा, यह एक अच्छी बात है।

कुलदीप की लंबे समय से सोच थी कि कांग्रेस उसे निकाल देगी। लेकिन कांग्रेस बड़े सूझबूझ की पार्टी है। कुलदीप विश्नोई की भाजपा के साथ सांठगांठ होने के बाद इस्तीफा देने की बात सामने आई है। लेकिन एक वोट के चक्कर में उसने अपना भविष्य खराब कर लिया है। अगर उसमें हिम्मत थी तो वोट देने के तुरंत बाद वह इस्तीफा देता। उन्होंने भाजपा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा हर वह काम करती है, जिसकी वह भर्त्सना करती है। देश में नफरत और विवाद फैलाने का काम करने वाली भाजपा से किसी प्रकार की उम्मीद करना एक बड़ी गलतफहमी होगा। जिसका परिणाम भाजपा को भुगतना होगा।


कांग्रेस के लिए आज चिंतन शिविर से ज्यादा संगठन जरूरी :गोगी


असंध से विधायक शमशेर सिंह गोगी ने चिंतन शिविर से अधिक महत्वपूर्ण प्रदेश संगठन को बताते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द संगठन की औपचारिक सूची जारी हो जाए तो हर जिले में 200-400 पदाधिकारी होंगे और जिले की मासिक बैठक में चिंतन शिविर की तरह ही चर्चा परिचर्चा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष चौ0 उदयभान ने संगठन की घोषणा के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त सुनिश्चित की है। गोगी ने आगामी तीन दिवसीय मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए अहम मुद्दे महंगाई -बेरोजगारी के साथ-साथ बिगड़ी कानून व्यवस्था को बताते हुए कहा कि हम लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने जा रहे हैं। सरेआम एक डीएसपी की हत्या और फिर उसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश के घटिया प्रयास अगर सरकार ही करें तो इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। अगर बाढ़ ही खेत को खाए तो फिर आखिर प्रदेश सुख-शांति से कैसे चल सकता है। 


 

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