पंजाब में ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा का सदस्यता अभियान शुरू, बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

Edited By Harman, Updated: 26 Jun, 2026 06:02 PM

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बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के विचारों, सिद्धांतों और भारतीय संविधान के मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने तथा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के उद्देश्य से ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा (पंजीकृत) द्वारा पंजाब में सदस्यता अभियान की शुरुआत की...

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के विचारों, सिद्धांतों और भारतीय संविधान के मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने तथा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के उद्देश्य से ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा (पंजीकृत) द्वारा पंजाब में सदस्यता अभियान की शुरुआत की गई। हरियाणा में सफल शुभारंभ के बाद पंजाब में इस अभियान का विस्तार किया गया। इस अवसर पर चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पंजाब सरकार की कैबिनेट मंत्री समाज कल्याण विभाग डॉ. बलजीत कौर जी द्वारा 26 जून को प्रातः 10 बजे सदस्यता अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश बहादुर ने कहा कि संगठन वर्तमान में 18 राज्यों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा किसी एक जाति, धर्म या वर्ग तक सीमित संगठन नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों का साझा मंच है, जो बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की विचारधारा, सामाजिक न्याय, समानता और संविधान में विश्वास रखते हैं।उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन केवल संघर्ष की कहानी नहीं, बल्कि शिक्षा, आत्मसम्मान, अधिकारों और मानव गरिमा की लड़ाई का प्रतीक है। उनका संदेश था कि समाज को अज्ञानता, भेदभाव और असमानता से बाहर निकालने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है।

राष्ट्रीय महासचिव अमरीक सिंह बंगड़ ने कहा कि सदस्यता अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठन को गांव, कस्बे और शहर स्तर तक मजबूत करना है। इसके माध्यम से लोगों को संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर जी ने समाज में समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे की स्थापना के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, श्रमिकों के हितों, शिक्षा के प्रसार और कमजोर वर्गों को सम्मान दिलाने के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया।

महासभा की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रीना गावस्कर वाल्मीकि ने बताया कि बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों और सदस्यता अभियान की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।उन्होंने कहा कि अंबाला से शुरू हुआ यह अभियान चरणबद्ध तरीके से देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब की नीतियों और महिलाओं की समान भागीदारी के सिद्धांत को आगे बढ़ाते हुए पांच राज्यों में महिला नेतृत्व को जिम्मेदारी दी गई है, ताकि समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका और मजबूत हो सके।

पंजाब प्रदेश अध्यक्ष निर्मल जीत ने कहा कि ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा का लक्ष्य बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना, सामाजिक कुरीतियों और जातीय भेदभाव को समाप्त करना तथा संविधान के मूल्यों पर आधारित समाज का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का सपना ऐसा भारत बनाना था जहां हर व्यक्ति को समान अवसर मिले, किसी के साथ जन्म, जाति या आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव न हो। उनका विश्वास था कि लोकतंत्र केवल राजनीतिक व्यवस्था नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक समानता का माध्यम भी होना चाहिए।

कार्यक्रम में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से अंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े लोगों ने पहुंचकर अपनी भागीदारी दर्ज कराई तथा इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष पलविंदर सिंह, प्रदेश महासचिव रजिंदर पाल सिंह, राजबीर सिंह भारतीय, अमन जोली, ओम प्रकाश, इन्द्र रंगा, नरेश बोध, राज कुमार, जसपाल सिंह, सुनील, भगत राज, मांगे राम कत्याल, बलविंदर कुमार, अंशुल शर्मा, अजीत सिंह, परमिंदर सिंह, कुलदीप राय, हरबंस सिंह, जोगा सिंह, सुरजीत कादियाना, डॉ. मोहिंदर कुमार, लव कुमार, देवेंद्र टांक, गायका सोनू शेरदिल, मोहिंदर पाल, राजिंदर कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा ने आह्वान किया कि समाज के सभी वर्ग आगे आकर बाबा साहेब के संदेश — “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” — को जीवन में अपनाएं और एक समान, न्यायपूर्ण एवं संवैधानिक मूल्यों वाले भारत के निर्माण में योगदान दें।
 


 

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