Edited By Isha, Updated: 02 Jul, 2026 09:12 AM

हरियाणा में बढ़ते भूजल संकट और पेयजल के दूषित होने की आशंका को देखते हुए सरकार ने वॉटर वर्क्स टैंकों को आरसीसी (रीइन्फोर्ड सीमेंट कंक्रीट) लाइनिंग में बदलने का फैसला किया है।
डेस्क: हरियाणा में बढ़ते भूजल संकट और पेयजल के दूषित होने की आशंका को देखते हुए सरकार ने वॉटर वर्क्स टैंकों को आरसीसी (रीइन्फोर्ड सीमेंट कंक्रीट) लाइनिंग में बदलने का फैसला किया है।पहले चरण में वर्ष 2026-27 के दौरान हिसार, रोहतक, झज्जर, भिवानी और चरखी दादरी के 44 वॉटर वर्क्स टैंकों की पारंपरिक ईंट लाइनिंग हटाकर आरसीसी लाइनिंग की जाएगी। अधिकारियों ने यह जानकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक में दी।
बैठक में बताया गया कि विभाग ने राज्यभर के 446 वॉटर वर्क्स टैंकों को चरणबद्ध तरीके से आरसीसी लाइनिंग में परिवर्तित करने की योजना बनाई है, ताकि बढ़ते भूजल स्तर का असर पेयजल की गुणवत्ता पर न पड़े और लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज तथा अपशिष्ट जल प्रबंधन को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।
निर्देश दिए कि शोधित अपशिष्ट जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।सीएम ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर कम है, वहां नहरी पानी के माध्यम से पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ किया जाए।