Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 23 Jan, 2026 07:22 PM

शुक्रवार को सबसे साफ हवा विकास सदन की दर्ज की गई जहां कि एक्यूआई- 94 ग्रीन जोन में रही। जबकि गुडगांव व ग्वाल पहाडी आरेंज जोन में दर्ज किए गए। हालांकि केवल सेक्टर- 51 की हवा सबसे खराब रिकार्ड की गई। जहां की एक्यूआई- 306 यानि रेड जोन में रही।
गुड़गांव, (ब्यूरो): शुक्रवार सुबह हुई बारिस के बाद शहर की आबोहवा बेहतर हो गई। शुक्रवार को सबसे साफ हवा विकास सदन की दर्ज की गई जहां कि एक्यूआई- 94 ग्रीन जोन में रही। जबकि गुडगांव व ग्वाल पहाडी आरेंज जोन में दर्ज किए गए। हालांकि केवल सेक्टर- 51 की हवा सबसे खराब रिकार्ड की गई। जहां की एक्यूआई- 306 यानि रेड जोन में रही।
ज्ञात हो कि शुक्रवार को शहर के चार स्टेशनों में से 2 आरेंज जोन जबकि एक ग्रीन जोन में रही। प्रदूषध में अचानक आए सुधार को सुबह अचानक हुई बारिस को कारण बताया जा रहा है। हालांकि वही पूरे दिन सूरज के दर्शन नही होने से लोगों को अपने वाहनों की लाइटें रात के वजाय दिन में ही जलाकर चलनी पडी। ज्ञात हो वीरवार को ग्वाल पहाडी, विकास सदन, सेक्टर-51 की हवा बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गई। सबसे खराब स्थित ग्वाल पहाडी की रही जहां एक्यूआई- 305, टेरीग्राम की एक्यूआई- 345 व विकास सदन- की एक्यूआई- 310 रेड जोन में रही। केवल सेक्टर-51 की एक्यूआई आरेंज जोन में दर्ज की गई।
पूरे दिन सूर्य दर्शन नही
वही मौसम पूर्वानुमानों में आगामी एक दो दिनों तक मौसम इसी तरह रहने का अनुमान ब्यक्त किया गया है। सोमवार को हाई-वे सहित आम सडकों पर भी वाहन चालकों को रात के वजाय दिन में भी लाइटें जलाकर यात्रा करनी पडी। इस कारण पूरे शहर में सन्नाटे में गुम रहा। बाजार सूने पडे रहे बताया गया है कि इसका दैनिक आमदनी पर भी भारी असर पडा।
चिकित्सकों ने दी हिदायत
चिकित्सकों की मानें तो बीते कई दिनों से गंभीर प्रदूषण स्तर के कारण लोगों को त्वचा व खुजली के मामलों में इजाफा हुआ है। सांस लेने में दिक्कतों के साथ आंखों में जलन व गले में खरास आदि की दिक्कतों से जूझना पडा। सबसे ज्यादा समस्या बच्चों व बुजूर्गो में देखी जा रही है। चिकित्सकों ने बच्चों व बुजूर्गो को विशेष ध्यान देने की अपील की है।